टूरिज्म इंडस्ट्री को यूनियन बजट 2026 से काफी उम्मीदें हैं। इंडस्ट्री का मानना है कि विदेश में ब्रांड इंडिया पर फोकस बढ़ाने की जरूरत है। इससे विदेशी पर्यटकों को अट्रैक्ट करने में मदद मिलेगी। सरकार 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में टूरिज्म से जुड़े ग्लोबल कैंपने के लिए फंड का आवंटन कर सकती है। इससे विदेशी पर्यटकों की दिलचस्पी भारत में बढ़ेगी। साथ ही देश में रोजगार के मौके पैदा करने में मदद मिलेगी।
इनक्रेडिबल इंडिया जैसे कैंपेन के लिए ऐलोकेशन बढ़ाने की जरूरत
थॉमस कुक (इंडिया) के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ महेश अय्यर ने कहा कि इनक्रेडिबल इंडिया जैसे ग्लोबल मार्केटिंग कैंपेन के ऐलोकेशन बढ़ाने की जररूत है। विदेश में प्रमोशन एंड पब्लिसिटी का बजट FY25 में 33 करोड़ रुपये था। यह FY26 में घटकर 3 करोड़ रुपये रह गया। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) के प्रेसिडेंट रवि गौसेन ने कहा कि इंडिया की इंटरनेशनल मार्केटिंग प्राथमिकता में होनी चाहिए। खासकर इमर्जिंग सोर्स मार्केट्स पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
इंडिया टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड की शुरुआत से होगा फायदा
उन्होंने कहा, "इंडिया को प्रमोट करने के लिए डेडिकेटेड 'इंडिया टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड' की शुरुआत इस दिशा में एक बड़ा कदम होगा। इससे दुनियाभर में ब्रांड इंडिया को प्रमोट करने में मदद मिलेगी। इसके लिए पर्याप्त फंड का ऐलोकेशन होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि इंडिया में विदेशी टूरिस्ट्स के आने से सबसे ज्यादा फॉरेन एक्सचेंज मिलता है। साथ ही रोजगार के मौके भी बनते हैं। सरकार यूनियन बजट में टूरिज्म सेक्टर के लिए ऐलान कर सकती है।
फॉरेन टूरिस्ट्स को अट्रैक्ट करने पर बढ़ाना होगा फोकस
टूरिज्म मिनिस्ट्री के डेटा के मुताबिक, 2024 में इंडिया में 99.5 लाख विदेशी टूरिस्ट्स आए थे। 1.06 करोड़ एनआरआई आए थे। दोनों को मिलाकर 2.05 करोड़ इंटरनेशनल टूरिस्ट्स आए थे। यह संख्या बढ़ रही है, लेकिन अभी कोविड से पहले के मुकाबले कम है। 2019 में करीब 1.09 करोड़ फॉरेन टूरिस्ट्स भारत आए थे। वांडरऑन के सीईओ गोविंड गौड़ ने कहा कि घरेलू टूरिज्म देश में टूरिज्म की रीढ़ बना हुआ है। इसे बढ़ावा देने के लिए एयरपोर्ट्स और रेल ट्रैवल को बेहतर बनाने की जरूरत है।
टीसीएस के कई रेट्स की जगर एक समान रेट लागू करने की जरूरत
वर्ल्ड ट्रेवल एंड टूरिज्म काउंसिल (WTTC) की प्रेसिडेंट और सीईओ जूलिया सिंपसन ने 2024 में कहा था कि भारत के ट्रैवल एंड टूरिज्म सेक्टर की वैल्यू बढ़कर 523 अरब डॉलर पहुंच जाएगी। ट्रैवल इंडस्ट्री ने टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) रेट्स को आसान बनाने की मांग की है। अभी टीसीएस के कई रेट्स लागू होते हैं। एसओटीसी के सीईओ विशाल सुरी ने कहा कि टीसीएस का यूनिवर्सल 1 फीसदी का रेट होना चाहिए।