Budget Expectations 2026: देश बजट की दहलीज पर खड़ा है। 1 फरवरी बस कुछ दिन दूर है और हर सेक्टर FM से बजट में कुछ न कुछ मांग रहा है। इसी में देश का गेहूं और कॉटन सेक्टर भी है जो इस बजट वित्तमंत्री से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठा है। आइए जानते है इन कमोडिटी के इन सेक्टर की बजट से क्या उम्मीदें है।
कॉटन सेक्टर की बजट उम्मीदें
कॉटन सेक्टर के जानकारों का मानना है कि वित्त मंत्री को इस बजट में सेक्टर को एक्चुअल यूजर कैटेगरी के तहत एक्सपोर्ट को मंजूरी देनी चाहिए इससे बड़े पैमाने पर इंपोर्ट में गिरावट आएगी। साथ ही लंबी अवधि के लिए सरकार इंपोर्ट पॉलिसी बनाए। इससे मिल पहले से इंपोर्ट की प्लानिंग कर पाएंगे।
सरकार को आधुनिकीकरण के लिए इंडस्ट्री को आर्थिक मदद देनी चाहिए। साथ ही नए बीज, नई टेक्नोलॉजी के लिए आर्थिक मदद मिले। CAI, स्टेट फेडरेशन को MSP ऑपरेशन की मंजूरी मिले। किसानों पर दबाव घटेगा, MSP का फायदा पहुंचेगा।
गेहूं सेक्टर की बजट उम्मीदें
गेहूं सेक्टर सरकार से जीएसटी ( GST) की दरों को घटाने की मांग कर रहा है। 25 किलो से कम पैक के आटे पर GST हटे। अभी 25 किलोग्राम से कम के पैक पर 5% GST लगता है। फ्लोर मिलिंग मशीनरी, साइलो पर GST की दरें घटे। इंडस्ट्रीज की GST 18% से घटाकर 5% करने की मांग है। GST घटने से मिल्स का आधुनिकीकरण होगा। प्लांट्स वर्ल्ड स्टैंडर्ड के मुताबिक अपग्रेड होंगे। स्टोरेज कैपेसिटी बढ़ेगी और फूड सिक्योरिटी मजबूत होगी।
इंडस्ट्री सरकार से डेडिकेटेड व्हीट बोर्ड बनाने की मांग है। गेहूं पर पॉलिसी सिर्फ MSP, खरीद तक सीमित है। बोर्ड से किसानों, मिलर्स, बाजार के बीच तालमेल बढ़ेगा। बोर्ड क्वालिटी स्टैंडर्ड तय करने में भी मदद करेगा। मिलिंग के लिए सही किस्मों पर फोकस हो। वैल्यू एडिशन और एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा।