Budget 2026 Expectations : एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने और पुराने विवादों को खत्म करने के लिए बजट में GST से जुड़े कानून में बदलावों को मंजूरी दी जा सकती है। इसमें इंटरमीडियरी सर्विस और पोस्ट सेल डिस्काउंट से जुड़े पुराने विवाद खत्म करना, पोस्टल या कुरियर एक्सपोर्ट में रिफंड को आसान बनाना और ड्यूटी-स्ट्रक्चर को दुरुस्त करना शामिल है। इस पर ज्यादा डिटेल के साथ सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि सूत्रों के मुताबिक एक्सपोर्टर्स को राहत के लिए फाइनेंस एक्ट के जरिए बदलाव हो सकते हैं। CGST, IGST एक्ट में बदलाव से पुराने विवाद सुलझेंगे।
पोस्ट सेल डिस्काउंट में सप्लाई से पहले एग्रीमेंट की बाध्यता होगी खत्म
सूत्रों के मुताबिक पोस्ट सेल डिस्काउंट में सप्लाई से पहले एग्रीमेंट की बाध्यता खत्म होगी। सर्विस एक्सपोर्टर्स का प्लेस ऑफ सप्लाई विवाद खत्म होगा।जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर में कुरियर एक्सपोर्ट को राहत मिलेगी। टैक्सपेयर्स के तौर पर रिटेलर और डिस्ट्रीब्यूटर को राहत मिलेगी। इंटरमीडियरी सर्विस को राहत देने के लिए IGST एक्ट में अमेंडमेंट संभव है।
इन बदलावों के चलते सर्विस एक्सपोर्टर्स का प्लेस ऑफ सप्लाई विवाद होगा खत्म
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक फाइनेंस एक्ट के जरिए होने वाले इन बदलावों के चलते सर्विस एक्सपोर्टर्स का प्लेस ऑफ सप्लाई विवाद खत्म होगा और करीब 3300 करोड़ रुपए के पेंडिंग लिटिगेशन से राहत मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक लो वैल्यू एक्सपोर्ट से रिफंड की 1000 रुपए कीथ्रेशहोल्ड लिमिट हट सकती है। जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर में कुरियर एक्सपोर्ट को राहत मिलेगी। GST काउंसिल की बैठक में ये सभी सिफारिश की जा चुकी हैं।