Budget Leak in India: नेहरू के समय दो बार बजट लीक, चली गई दो देशों के वित्त मंत्री की कुर्सी

Budget Leak in India: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रिकॉर्ड लगातार आठवीं बार बजट पेश करने जा रही हैं। बजट पेश होने के बाद बजट का मसौदा तैयार करने वाले ऑफिशियल्स को बाहरी दुनिया से संपर्क करने के लिए छोड़ दिया जाएगा। अभी वे नॉर्थ ब्लॉक में हैं और बाहरी दुनिया से उनका कोई संपर्क नहीं है। यह इसलिए किया जाता है ताकि बजट से जुड़ी डिटेल्स लीक न हो। जानिए कि यह कब-कब लीक हुआ है

अपडेटेड Jan 31, 2025 पर 7:20 PM
Story continues below Advertisement
Budget Leak in India: बजट कितना अहम डॉक्यूमेंट है, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि इसके लीक होने पर भारतीय बजट के लीक होने पर ब्रिटेन के वित्त मंत्री तक की कुर्सी जा चुकी है।

Budget Leak in India: बजट कितना अहम डॉक्यूमेंट है, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि इसके लीक होने पर भारतीय बजट के लीक होने पर ब्रिटेन के वित्त मंत्री तक की कुर्सी जा चुकी है। एक बार तो भारत के वित्त मंत्री की भी कुर्सी जा चुकी है। आजाद भारत में अब तक दो बार बजट लीक हो चुके हैं और वह भी महज तीन के भीतर ही और दोनों ही बार देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के समय में। यहां बजट लीक की दोनों घटनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है।

The first Budget leak - 1947: ब्रिटेन की गलती से हुआ लीक

देश की आजादी के बाद की पहली सरकार में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने सर आरके शणमुखम चेट्टी को दी थी। वह 26 नवंबर 1947 को सात महीने की अवधि के लिए देश का पहला बजट पेश करने के लिए तैयार थे, लेकिन इससे पहले कि वह इसे 5 बजे संसद में पेश करते, यह लीक हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह इसलिए हुआ क्योंकि पहला बजट होने के चलते नेताओं और अधिकारियों ने ब्रिटिश सरकार से सलाह लेने के लिए इसे पेश करने से पहले ब्रिटेन के तत्कालीन वित्त मंत्री ह्यू डेल्टन को भेज दिया।


ब्रिटेन की द गॉर्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक ह्यू डेल्टन से ही बजट की डिटेल्स लीक हो गई। जब वह संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स की तरफ जा रहे थे तो उन्होंने वहा डेली स्टार के जॉन कार्वेल से कहा कि तंबाकू पर कोई और टैक्स नहीं लगेगा, बियर पर एक पैसा बढ़ेगा, कुत्तों और पूल्स पर भी कुछ टैक्स लगेगा लेकिन घोड़ों पर नहीं। इसके अलावा उन्होंने टैक्सेबल चीजों पर मुनाफे पर टैक्स दोगुना होने की जानकारी दी। यह जानकारी लगभग 20 मिनट में ही फैल गई, जिससे हंगामा मच गया। उन्होंने आखिरकार माफी मांगी और अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

The second leak - 1950: चली गई भारत के वित्त मंत्री की कुर्सी

दूसरी बार सिर्फ तीन साल बाद ही बजट फिर से लीक हुआ। उस समय बजट राष्ट्रपति भवन में ही प्रिंट होते थे। आजाद भारत के दूसरे वित्त मंत्री जॉन मथाई के समय में यहां से बजट डॉक्यूमेंट्स के कुछ हिस्से लीक हो गए। जॉन मथाई पर पावरफुल लोगों के फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया गया, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इस घटना के बाद बजट डॉक्यूमेंट को प्रिंट करने का काम राष्ट्रपति भवन से हटा कर मिंटो रोड पर स्थित एक सरकारी प्रेस में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद वर्ष 1980 में प्रिंटिंग को सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग के नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में ट्रांसफर कर दिया गया।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।