हर साल 1 फरवरी से पहले यूनियन बजट के साथ-साथ इकोनॉमिक सर्वे की काफी चर्चा होती है। इसकी वजह यह है कि यूनियन बजट से पहले इकोनॉमिक सर्वे पेश होता है। इकोनॉमिक सर्वे एक तरह से देश की इकोनॉमी का रिपोर्ट कार्ड होता है। इसमें इकोनॉमी के डेवलपमेंट का रोडमैप भी शामिल होता है।
इकोनॉमी से जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं का व्यापक दस्तावेज
एक्सपर्ट्स का कहना है कि देश की इकोनॉमी में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए इकोनॉमिक सर्वे काफी व्यापक डॉक्युमेंट्स हैं। इसमें यह बताया जाता है कि फिस्कल ईयर के दौरान इकोनॉमी का प्रदर्शन कैसा रहा। इसमें ग्रोथ, इनफ्लेशन, रोजगार के मौके और फिस्कल चैलेंजेज की चुनौतियों और संभावनाओं की व्यापक चर्चा होती है। इकोनॉमिक सर्वे में ग्रोथ के रास्ते की बाधाएं दूर करने के भी उपाय होते हैं।
चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर की देखरेख में तैयार होता है आर्थिक सर्वे
इकोनॉमिक सर्वे तैयार करने की जिम्मेदारी फाइनेंस मिनिस्ट्री के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स के इकोनॉमिक डिवीजन पर होती है। इसे संसद में पेश करने की जिम्मेदारी वित्तमंत्री पर होती है। लेकिन, इसे चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर (CEA) और उनकी टीम की देखरेख में तैयार किया जाता है। हालांकि, तैयार हो जाने के बाद इसे एप्रूवल के लिए फाइनेंस मिनिस्टर के पास भेजा जाता है।
1964 तक हर साल बजट के साथ पेश होता था इकोनॉमिक सर्वे
इस बार सीईओ वी अनंत नागेश्वरन की निगरानी में इकोनॉमिक सर्वे तैयार करने का काम चल रहा है। देश का पहला इकोनॉमिक सर्वे 1950-51 में पेश किया गया था। 1964 तक इसे Union Budget के साथ पेश किया जाता था। बाद में इसे यूनियन बजट से अलग कर दिया गया। इकोनॉमिक पार्ट्स के दो हिस्से होते हैं। पार्ट ए में उस साल के बड़े इकोनॉमिक डेवलपमेंट्स होते है। इकोनॉमी का व्यापक विश्लेषण होता है। पार्ट बी में इकोनॉमी से जुड़े खास मसलें जैसे एजुकेशन, हेल्थकेयर आदि होते हैं।
29 जनवरी को वित्त मंत्री संसद में पेश करेंगी इकोनॉमिक सर्वे
इस बार संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हो रहा है। इकोनॉमिक सर्वे 29 जनवरी को पेश होगा। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण यूनियन बजट 2026 पेश करेंगी। यह उनका 9वां बजट होगा। सरकार ने संसद के बजट सत्र के कार्यक्रम का ऐलान कर दिया है। इस बार यूनियन बजट रविवार को पेश होगा।