India Budget 2025: नए वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान करेंगी निर्मला सीतारमण, जानिए आपको क्या होगा फायदा!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोकस रेलवे को विश्वस्तरीय बनाने पर है। उन्होंने हाल में कहा था कि वह दिन दूर नहीं है, जब इंडिया में पहली बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी। सरकार हाई स्पीड ट्रेनों की संख्या बढ़ाना चाहती है। इसके लिए कई रूटों पर वंदे भारत ट्रेनें चलाई जा रही हैं। सरकार ने 2030 तक 800 वंदे भारत ट्रेनें बनाने का टारगेट रखा है

अपडेटेड Jan 27, 2025 पर 3:45 PM
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1 फरवरी को वित्तमंत्री कई रूट पर वंदे भारत जैसी हाई स्पीड ट्रेनों का ऐलान करेंगी। रेल मंत्रालय इसके लिए रूटों की पहचान कर चुका है।

इस बार ट्रेन यात्रियों की करीबी नजरें यूनियन बजट 2025 पर लगी हैं। उन्हें उम्मीद है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ट्रेन के सफर को आरामदेह बनाने के लिए 1 फरवरी को कई बड़े ऐलान करेंगी। रेलवे से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूनियन बजट में सरकार का फोकस रेलवे को आधुनिक बनाने, पैसेंजर्स की सुरक्षा और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर होगा। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से नई ट्रेनें शुरू करने की जगह रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर फोकस बढ़ा है।

सभी फ्रेट कॉरिडोर जल्द पूरा करने पर फोकस

सरकार ने फ्रेट कॉरिडोर को जल्द पूरा करने पर फोकस बढ़ाया है। इसके पूरा हो जाने पर रेलवे की माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी। इससे रेलवे की इनकम बढ़ेगी। ईस्टर्न कॉरिडोर पूरा हो चुका है। वेस्टर्स कॉरिडोर के भी बड़े हिस्से का इस्तेमाल हो रहा है। ईस्टर्न डीएफसी पंजाब और बिहार को कनेक्ट करता है। वेस्टर्न कॉरिडोर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को कनेक्ट करता है। सरकार ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर, नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर और ईस्ट कोस्ट कॉरिडोर को जल्द पूरा करने पर फोकस बढ़ा रही है।


15-20 फीसदी बढ़ सकता है आवंटन

उम्मीद है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी के लिए रेलवे के लिए आवंटन 15-20 फीसदी तक बढ़ाएंगी। इससे रेलवे का ऐलोकेशन 3 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएगा। पिछले साल बजट में वित्तमंत्री ने रेलवे के लिए 2.65 लाख करोड़ रुपये का ऐलोकेशन किया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस ऐलोकेशन का बड़ा हिस्सा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर खर्च होगा। सरकार ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने पर भी फोकस कर रही है। इससे यात्रा में लगने वाला समय घटेगा, जिससे लोगों के समय की बचत होगी।

2030 तक 800 वंदे भारत ट्रेनें बनाने का टारगेट

रेलवे के प्लान की जानकारी रखने वाले लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोकस रेलवे को विश्वस्तरीय बनाने पर है। उन्होंने हाल में कहा था कि वह दिन दूर नहीं है, जब इंडिया में पहली बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी। सरकार हाई स्पीड ट्रेनों की संख्या बढ़ाना चाहती है। इसके लिए कई रूटों पर वंदे भारत ट्रेनें चलाई जा रही हैं। सरकार ने 2030 तक 800 वंदे भारत ट्रेनें बनाने का टारगेट रखा है। साथ ही सरकार का फोकस पूरे रेल नेटवर्क पर ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) सिस्टम लागू करने पर है। इस सिस्टम को कवच नाम दिया गया है।

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कई नई रूटों पर होगा वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान

सूत्रों ने बताया कि 1 फरवरी को वित्तमंत्री कई रूट पर वंदे भारत जैसी हाई स्पीड ट्रेनों का ऐलान करेंगी। रेल मंत्रालय इसके लिए रूटों की पहचान कर चुका है। इसमें ज्यादातर ऐसे रूटों को शामिल किया गया है, जिनमें अभी हाई स्पीड ट्रेनों की संख्या कम है। इस साल जम्मू और श्रीनगर के बीच वंदे भारत ट्रेन सेवा शुरू हो जाने की उम्मीद है। सरकार ने इस कटरा से श्रीनगर के बीच वंदे भारत ट्रेनों का ट्रायल रन शुरू कर दिया है।

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