Union Budget 2026 Highlights: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी 2026 को आम बजट पेश किया। उन्होंने लगातार 9वीं बार आम बजट पेश किया। वहीं बजट के बाद
Union Budget 2026 Highlights: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी 2026 को आम बजट पेश किया। उन्होंने लगातार 9वीं बार आम बजट पेश किया। वहीं बजट के बाद
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नेटवर्क 18 के एडिटर इन चीफ राहुल जोशी के साथ खास बातचीत की। इस इंटरव्यू में उन्होंने तमाम मुद्दों पर अपनी बात खुलकर रखी। उन्होंने कहा कि, पूरी दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है और सरकार को कोई भी फैसला लेने से पहले इन चुनौतियों को ध्यान में रखना पड़ रहा है।
बजट का फोकस स्थिरता बनाए रखना
इंटरव्यू में निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट 2026 पिछले बजट से थोड़ा अलग है, लेकिन इसका मुख्य फोकस स्थिरता बनाए रखने पर रहा।बजट को लेकर हो रही आलोचना पर जवाब देते हुए कहा कि यह कोई मजबूरी नहीं, बल्कि सोच-समझकर अपनाया गया तरीका था। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद पूरी तरह मज़बूत है, जबकि असली चिंता दुनिया भर में चल रही अनिश्चितताओं को लेकर है, जैसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार को सिर्फ मौजूदा साल नहीं, बल्कि आने वाले फाइनेंस कमीशन के दौर और विकसित भारत 2047 जैसे लंबे लक्ष्यों को ध्यान में रखकर फैसले लेने होते हैं। वित्त मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि ऐसे समय में स्थिरता पर ध्यान देना, टैरिफ वॉर, टकराव और अस्थिर वैश्विक बाज़ार से जूझ रहे कारोबारियों और निवेशकों के लिए एक साफ और सोच-समझा संकेत है।
PSU बैंकों के विलय पर कही ये बात
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSU Banks) के विलय या एकीकरण पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर जो भी निर्णय होगा, वह संबंधित समिति की सिफारिशों के आधार पर ही लिया जाएगा। समिति की रिपोर्ट आने से पहले इस मुद्दे पर कुछ भी कहना सही नहीं होगा। वित्त मंत्री ने साफ किया कि वह समिति की रिपोर्ट का इंतज़ार करना चाहती हैं और उससे पहले कोई पूर्व-निर्धारित बयान नहीं देना चाहतीं।
भारत तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था
निर्मला सीतारमण ने भारत की तेज आर्थिक बढ़त पर बात करते हुए कहा कि देश पिछले चार सालों से दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने बताया कि यह मज़बूत ग्रोथ राजनीतिक स्थिरता और साफ़-सुथरी नीतियों की वजह से संभव हो पाई है। उन्होंने कहा कि टैक्स को लेकर स्पष्टता होने से कारोबार को स्थिरता मिलती है। उन्होंने बिज़नेस करने में आसानी, इंडस्ट्री के प्रति सरकार की सकारात्मक सोच और “रेड कार्पेट बिछाने के साथ-साथ रेड टेप हटाने” की कोशिशों का ज़िक्र किया। वित्त मंत्री ने यह भी साफ किया कि सुधार सिर्फ बजट घोषणाओं तक सीमित नहीं हैं। उनके मुताबिक सुधार लगातार जारी हैं और इसे साल भर चलने वाले “रिफॉर्म एक्सप्रेस” की तरह देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को सिर्फ बजट नहीं, बल्कि सरकार के प्रदर्शन पर भी ध्यान देना चाहिए।
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