रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले 1-2 सालों में रौनक लौटी है। लेकिन, घरों की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। उम्मीद है कि सरकार यूनियन बजट में घर खरीदारों को राहत देने के लिए बड़े ऐलान करेगी। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि खासकर बड़े शहरों में ज्यादातर लोग घर खरीदने के लिए होम लोन लेते हैं। अगर सरकार होम लोन पर टैक्स बेनेफिट बढ़ाने का ऐलान बजट में करती है तो इससे घर खरीदने वालों को काफी आसानी होगी। इसका असर हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ेगा।
अभी होम लोन पर दो तरह के टैक्स बेनेफिट्स
अभी होम लोन लेने वाले लोगों को दो तरह से टैक्स बेनेफिट मिलता है। पहला, उन्हें होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत है। दूसरा, होम लोन के प्रिंसिपल पर भी डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24बी के तहत एक वित्त वर्ष में मैक्सिमम 2 लाख रुपये तक के इंटरेस्ट पर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार ने पिछले कई सालों में इस डिडक्शन को नहीं बढ़ाया है, जबकि घर की कीमतें इस बीच काफी बढ़ी हैं।
इंटरेस्ट पर मैक्सिमम 2 लाख रुपये डिडक्शन
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन 2 लाख रुपये से बढ़ाकर कम से कम 3 लाख रुपये करने की जरूरत है। इससे घर खरीदने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। उन पर टैक्स का बोझ घटेगा। होम लोन के प्रिंसिपल पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन मिलता है। होम लोन लेने वाला व्यक्ति सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन की मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये की सीमा तक होम लोन के प्रिंसिपल पर डिडक्शन का दावा कर सकता है।
प्रिंसिपल पर मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये डिडक्शन
सरकार ने पिछले कई सालों से 80सी के तहत डिडक्शन को नहीं बढ़ाया है। इसके तहत अभी करीब एक दर्जन इनवेस्टमेंट ऑप्शंस आते हैं। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को होम लोन के प्रिंसिपल पर डिडक्शन के लिए नई कैटेगरी शुरू करनी चाहिए। अगर सरकार नई कैटेगरी शुरू नहीं कर सकती है तो उसे 80सी के तहत डिडक्शन की 1.5 लाख रुपये की सीमा बढ़ाकर कम से कम 3 लाख रुपये कर देनी चाहिए।
पहले अतिरिक्त 1.5 लाख का डिडक्शन मिलता था
सरकार पहले एफोर्डेबल हाउसिंग पर अतिरिक्त 1.5 लाख रुपये डिडक्शन की इजाजत देती थी। यह उन घरों के लिए था, जिनका होम लोन 1 अप्रैल, 2019 से 31 मार्च, 2022 के बीच सैंक्शन हुआ है। 45 लाख रुपये तक का घर खरीदने पर इस डिडक्शन का लाभ मिलता था। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेक्शन 80EEA के तहत मिलने वाले इस डिडक्शन को फिर से शुरू करना चाहिए। इससे घर खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी।
इन हाउसिंग फाइनेंस शेयरों में आ सकती है तेजी
अगर सरकार होम लोन पर टैक्स बेनेफिट्स बढ़ाने का ऐलान बजट में करती है तो हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के शेयरों में तेजी आ सकती है। इनमें LIC Housing Finance, PNB Housing, Aadhar Housing Finance, Aavas Financiers और Can Fin Homes शामिल हैं। LIC Housing Finance के शेयर ने बीते एक साल में कोई रिटर्न नहीं दिया है। 24 जनवरी को इसका प्राइस दोपहर में 0.22 फीसदी चढ़कर 578 रुपये चल रहा था। PNB Housing के शेयर ने बीते एक साल में 0.48 फीसदी रिटर्न दिया है। 24 जनवरी को इसका भाव 2.29 फीसदी गिरकर 863 रुपये चल रहा था।
यह भी पढ़ें: India Budget 2025: मिडिल क्लास को मिल जाएगी बड़ी राहत, निर्मला सीतामरण को लेने होंगे ये 2 फैसले
मिलाजुला रहा है हाउसिंग फाइनेंस स्टॉक्स का रिटर्न
आधार हाउसिंग फाइनेंस के शेयर ने बीते एक साल में 18.44 फीसदी रिटर्न दिया है। 24 जनवरी को इस स्टॉक का प्राइस 1.37 फीसदी की गिरावट के साथ 390 रुपये चल रहा था। आवास फाइनेंशियर्स के शेयर ने बीते एक साल में करीब 15 फीसदी रिटर्न दिया है। 24 जनवरी को इसका प्रािस 0.67 फीसदी की गिरावट के साथ 1,716 रुपये चल रहा था। कैनफिन होम्स के शेयरों ने बीते एक साल में 7.81 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। 24 जनवरी को इस स्टॉक का प्राइस 0.59 फीसदी की कमजोरी के साथ 686 रुपये चल रहा था।