Union Budget 2026: कैसे तैयार होता है हर साल 1 फरवरी को पेश होने वाला यूनियन बजट?

भारत में यूनियन बजट सिर्फ सरकार की इनकम और एक्सपेंडिचर का ब्योरा नहीं होता है। इसमें इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने के उपाय, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सहायता, इकोनॉमी में कंजम्प्शन बढ़ाने के उपाय, रोजगार के नए मौके बनाने सहित इकोनॉमी से जुड़ी कई चीजें शामिल होती है

अपडेटेड Jan 13, 2026 पर 1:36 PM
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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लगातार 9वीं बार यूनियन बजट पेश करेंगी।

यूनियन बजट पेश होने की तारीख का औपचारिक ऐलान हो गया है। संसद के बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को होगी। उस दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करेंगी। 29 जनवरी को आर्थिक सर्वे पेश होगा। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी। सीतारमण लगातार 9वीं बार यूनियन बजट पेश करेंगी।

यूनियन बजट इकोनॉमिक ग्रोथ का रोडमैप भी है

भारत में यूनियन बजट सिर्फ सरकार की इनकम और एक्सपेंडिचर का ब्योरा नहीं होता है। यूनियन बजट में अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार का प्लान होता है। इसमें इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने के उपाय, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सहायता, इकोनॉमी में कंजम्प्शन बढ़ाने के उपाय, रोजगार के नए मौके बनाने सहित इकोनॉमी से जुड़ी कई चीजें शामिल होती है। सरकार यह भी बताती है कि अगले वित्त वर्ष में उसका फिस्कल डेफिसिट कितना रह सकता है। इसके हिसाब से सरकार बताती है कि वह बाजार से कितना कर्ज लेगी।


4 महीने पहले शुरू हो जाती है बजट बनाने की प्रक्रिया

यूनियन बजट तैयार करने की प्रक्रिया करीब 4 महीने पहले शुरू हो जाती है। फाइनेंस मिनिस्ट्री के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स का बजट डिवीजन इसकी अगुवाई करता है। वह सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों से अगले वित्त वर्ष के उनके प्लान के बारे में पूछता है। फिर, प्लान पर विचार करने के बाद अलग-अलग मंत्रालयों के लिए बजट ऐलोकेशन तय किया जाता है।

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इकोनॉमी और उद्योग से जुड़े पक्षों की राय ली जाती है

सरकार यूनियन बजट के बारे में आम लोगों, अलग-अलग इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों, इकोनॉमिस्ट्स, ट्रेड यूनियंस, किसानों के प्रतिनिधियों आदि की राय लेती है। सीआईआई, एसोचैम और फिक्की जैसे प्रमुख उद्योग चैंबर्स वित्त मंत्रालय को बजट से अपनी उम्मीदों के बारे में बताते हैं। सरकार टैक्सपेयर्स को राहत देने और महंगाई को कंट्रोल में रखने के उपायों का भी ऐलान बजट में करती है। बजट की रूपरेखा तय हो जाने के बाद वित्तमंत्री उसके बारे में प्रधानमंत्री को बताती है। प्रधानमंत्री की मंजूरी के बाद यूनियन बजट को फाइनल मान लिया जाता है।

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1 फरवरी को दिन में 11 बजे पेश होता है बजट 

पिछले कुछ सालों में बजट में सरकार का फोकस इकोनॉमी की ग्रोथ बढ़ाने, फिस्कल डेफिसिट कम करने, किसानों की आमदनी में इजाफा करने, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने, युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के मौके बढ़ाने पर रहा है। इस बार भी सरकार का फोकस पर बने रहने की उम्मीद है। हर साल बजट लोकसभा में 1 फरवरी को दिन में 11 बजे पेश होता है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण इसे पेश करने से पहले राष्ट्रपति की मंजूरी लेती हैं।

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