Union Budget 2026 Lok Sabha gallery students: वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार, 01 फरवरी को अपना 9वां बजट पेश कर इतिहास रच दिया। आजादी के बाद आज पहली बार रविवार के दिन बजट पेश किया गया और शेयर बाजार भी खुले रहे। आज के दिन की एक और खास बात ये रही कि देश के चुने हुए 30 छात्र इस ऐतिहासिक दिन का साक्षी बनने के लिए लोकसभा गैलरी पहुंचे। शाम को ये छात्र वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजट पर चर्चा भी करेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को सुबह 11 बजे यूनियन बजट 2026-27 पेश किया। छात्रों को बजट की बारीकियों से रू-ब-रू कराने की इस पहल का मकसद उन्हें साल की सबसे महत्वपूर्ण संसदीय घटनाओं में से एक का दुर्लभ, सीधा अनुभव देना है। छात्रों की इस ग्रुप में कॉमर्स, इकोनॉमिक्स, मेडिकल एजुकेशन और वोकेशनल स्टडीज सहित कई विषयों के छात्र शामिल हैं। यह समूह देश के कई राज्यों का प्रतिनिधित्व करता है।
संसद के अलावा, छात्रों का ये समूह कर्तव्य भवन-1 स्थित वित्त मंत्रालय का भी दौरा करेगा। इस दौरे के दौरान, वे मंत्रालय के कामकाज, नीति निर्माण प्रक्रियाओं और राष्ट्र निर्माण में संस्थानों की भूमिका के बारे में सीधे जानकारी हासिल करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे। यह कार्यक्रम युवा नागरिकों को यह समझाने के लिए तैयार किया गया है कि सरकारी स्तर पर वित्तीय निर्णय कैसे लिए और लागू किए जाते हैं।
आज शाम वित्त मंत्री के साथ होगी खुली चर्चा
वित्त मंत्री सीतारमण आज शाम को छात्रों के साथ एक इंटरैक्टिव, खुली चर्चा करेंगी। उनकी चर्चा यूनियन बजट 2026-27 की मुख्य प्राथमिकताओं, भारत के भविष्य के लिए इसके दीर्घकालिक दृष्टिकोण और युवाओं पर इसके प्रभावों पर केंद्रित होगी। छात्रों से भी अपने विचार, दृष्टिकोण और आकांक्षाएं साझा करने की उम्मीद है। इसमें वे राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक दिशा को आकार देने में युवा भारतीयों की भूमिका पर अपने विचार रखेंगे।
सरकार के कामकाज में युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना
इस आउटरीच के जरिए, वित्त मंत्रालय का मकसद पॉलिसी बनाने और जनता के बीच की दूरी को कम करना है, ताकि भारत के युवाओं को आर्थिक विकास, गवर्नेंस और राष्ट्र निर्माण पर होने वाली चर्चाओं में सक्रिय भागीदार बनाया जा सके। यह पहल छात्रों की वित्त, अर्थशास्त्र, शासन और लोकतांत्रिक संस्थानों की समझ को गहरा करने के लिए तैयार की गई है। साथ ही भारत की वित्तीय और संसदीय प्रक्रियाओं में युवा लोगों की सूचित और रचनात्मक भागीदारी को बढ़ावा देती है।