केंद्रीय बजट 2026 में डिफेंस सेक्टर के लिए रूटीन फंड एलोकेशन से आगे बढ़कर नेक्स्ट जनरेशन टेक्नोलॉजी विकसित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को जटिल भू-राजनीतिक चुनौतियों वाले रणनीतिक माहौल में आगे बढ़ने के लिए तैयार रहने की जरूरत है। वित्त वर्ष 2027 के लिए बजट 1 फरवरी को संसद में पेश किया जाना है। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार को मौजूदा अवसरों, रेगुलेटरी बाधाओं और लंबी अवधि के लिए नीतियों की निरंतरता की जरूरत पर ध्यान देना होगा।
सेंटर फॉर डिजिटल इकोनॉमी पॉलिसी (C-DEP) के प्रेसिडेंट जयजीत भट्टाचार्य के मुताबिक, आधुनिकीकरण और ऑपरेशनल तरीके से तैयार रहने के लिए पर्याप्त फंड जरूरी है। लेकिन साथ ही बजट को आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और मानवरहित प्रणालियों जैसी एडवांस्ड टेक्नोलोजिज पर पूंजीगत खर्च को प्राथमिकता देना जारी रखना चाहिए। डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को मजबूत करने के लिए प्राइवेट सेक्टर और MSME की भागीदारी के लिए वित्तीय प्रोत्साहन, रक्षा अनुसंधान और विकास (R&D) के लिए बढ़े हुए टैक्स क्रेडिट और निर्यात-उन्मुख डिफेंस प्रोडक्शन क्लस्टर्स के लिए टारगेटेड सपोर्ट की भी जरूरत होगी।
रक्षा अनुसंधान और नई टेक्नोलॉजी में निवेश
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को इनोवेशन को बढ़ावा देने और नई टेक्नोलॉजी के विकास में तेजी लाने के लिए डिफेंस R&D इकोसिस्टम में निवेश बढ़ाना चाहिए। क्राउन ग्रुप डिफेंस के प्रेसिडेंट और रिटायर्ड वाइस एडमिरल पारस नाथ का कहना है, "R&D एलोकेशंस को लगभग 5% के वर्तमान स्तर से धीरे-धीरे और समय के साथ उच्च स्तर तक बढ़ाने से इनोवेशन में तेजी लाने में मदद मिलेगी। ऐसे उपायों से लाइफसाइकिल कॉस्ट में काफी कमी आने, प्लेटफॉर्म की उपलब्धता में सुधार होने और भारत की दीर्घकालिक रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।"
ड्रोन कंपनी BonV Aero के CEO सत्यब्रत सतपथी के मुताबिक, लॉन्ग टर्म टेक्नोलॉजी में तगड़ा बनने के लिए ऑटोनॉमी, परसेप्शन, सुरक्षित संचार और एडवांस्ड बैटरी सिस्टम जैसे क्षेत्रों में रिफंडेबल R&D टैक्स क्रेडिट की जरूरत होगी।
ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग और रक्षा उत्पादन को बढ़ाना
ideaForge टेक्नोलॉजी के CEO अंकित मेहता का कहना है कि ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए PLI 2.0 स्कीम लाकर इंडस्ट्री इंसेंटिव फ्रेमवर्क का विस्तार किया जाना चाहिए। इससे घरेलू कंपोनेंट और UAV सिस्टम बनाने वालों को रिवॉर्ड मिल सकेगा, जिससे एक मजबूत घरेलू इकोसिस्टम बनाने में मदद मिलेगी। रघु वमसी एयरोस्पेस ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर वमसी विकास ने कहा कि सिर्फ रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना काफी नहीं है। आज जरूरत इस बात की है कि इस इकोसिस्टम की सस्टेनेबिलिटी पर भी उतना ही ध्यान दिया जाए।