Budget Session 2026: राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ आज से संसद के बजट सत्र का होगा आगाज, जानें महत्वपूर्ण तारीखें, बिल और पूरा एजेंडा

Budget Session 2026: सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सहयोग मांगा। हालांकि, टकराव के कई बिंदु देखने को मिले। सरकार ने विपक्ष की VB-G RAM G Act और विशेष गहन संशोधन (SIR) पर चर्चा की मांग को साफ तौर पर ठुकरा दिया है। केन्द्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा, 'हम गियर को रिवर्स नहीं कर सकते'

अपडेटेड Jan 28, 2026 पर 8:34 AM
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वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच, इस बजट से आर्थिक विकास को रफ्तार देने वाले बड़े सुधारों की उम्मीद की जा रही है

Budget 2026: भारतीय संसद का सबसे महत्वपूर्ण बजट सत्र आज से शुरू होगा। इस सत्र का आगाज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ होगा। यह सत्र न केवल देश की आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी दर्ज करेगा, जो अपना लगातार 9वां बजट पेश करने जा रही हैं। वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच, इस बजट से आर्थिक विकास को रफ्तार देने वाले बड़े सुधारों की उम्मीद की जा रही है।

बजट सत्र 2026 का पूरा शेड्यूल

  • 28 जनवरी: राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ सत्र का आरंभ।
  • 29 जनवरी: आर्थिक सर्वेक्षण में देश की आर्थिक सेहत की रिपोर्ट पेश होगी।
  • 01 फरवरी: वित्त मंत्री द्वारा बजट पेश (दिन: रविवार)।
  • 13 फरवरी: पहला चरण समाप्त, संसद अवकाश पर जाएगी।
  • 09 मार्च: स्थायी समितियों की समीक्षा के बाद दूसरा चरण शुरू।
  • 02 अप्रैल: बजट सत्र की औपचारिक समाप्ति।

यह सत्र दो चरणों में कुल 65 दिनों तक चलेगा, जिसमें 30 बैठकें होंगी। इस बार बजट 1 फरवरी, रविवार को पेश किया जाएगा। अवकाश का दिन होने के बावजूद शेयर बाजार और वित्तीय जगत की नजरें निर्मला सीतारमण के पिटारे पर टिकी होंगी। सत्र के पहले भाग में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर 'धन्यवाद प्रस्ताव' और बजट पर चर्चा होगी, जबकि विधायी कार्य मुख्य रूप से दूसरे भाग (9 मार्च के बाद) में निपटाए जाएंगे।


कौन से महत्वपूर्ण बिल है एजेंडे में?

सरकार ने इस बार कोई नया बिल पेश नहीं किया है, लेकिन कई लंबित और महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होगी।

फाइनेंस बिल 2026: सत्र का सबसे अहम बिल, जो इस साल की इनकम टैक्स दरों को निर्धारित करेगा।

इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी (संशोधन) बिल: कर्ज समाधान ढांचे में सुधार के लिए।

मोटर वाहन संशोधन बिल 2026: इसमें 1988 के अधिनियम में 60 से अधिक बदलावों का प्रस्ताव है।

बीज (Seed) बिल 2026: पुराने 1966 के कानून को बदलकर कृषि क्षेत्र में आधुनिक बदलाव लाना।

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल: उच्च शिक्षा में आमूलचूल बदलाव के लिए जेपीसी (JPC) अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

जन विश्वास (संशोधन) बिल: विभिन्न क्षेत्रों में छोटे अपराधों को गैर-आपराधिक (Decriminalise) बनाना।

विपक्षी दल और सरकार के बीच तकरार

सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सहयोग मांगा। हालांकि, टकराव के कई बिंदु अभी से दिखने लगे हैं। सरकार ने विपक्ष की VB-G RAM G Act और विशेष गहन संशोधन (SIR) पर चर्चा की मांग को साफ तौर पर ठुकरा दिया है। केन्द्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा, 'हम गियर को रिवर्स नहीं कर सकते।' सरकार का कहना है कि इन मुद्दों पर पहले ही चर्चा हो चुकी है। इन सब के बीच विपक्षी दलों ने महंगाई, बेरोजगारी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है।

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