Union Budget 2026 : भले ही यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) हर महीने ट्रांजैक्शन वॉल्यूम और वैल्यू के नए रिकॉर्ड बना रहा है, और इसकी सालाना ग्रोथ रेट लगभग 30 प्रतिशत है, फिर भी इस इंडस्ट्री ने 2026 के यूनियन बजट में इस इकोसिस्टम के लिए ज़्यादा सब्सिडी मिलने की उम्मीद लगा रखी है। सूत्रों के मुताबिक पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया और दूसरी पेमेंट कंपनियों ने इस साल वित्त मंत्रालय से UPI के लिए ज़्यादा सब्सिडी की मांग की है।
बता दें कि डिजिटल ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगता है, यह एक ऐसी फीस है जो बैंक डिजिटल पेमेंट की सुविधा देने के लिए बिक्री के समय व्यापारियों से वसूलते हैं। 2020 में सरकार द्वारा इसे माफ करने से पहले UPI MDR 30 बेसिस प्वांट था। एक बेसिस प्वाइंट एक प्रतिशत का सौवां हिस्सा होता है। डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह तय किया कि UPI ट्रांजैक्शन यूज़र्स के लिए फ्री रहेंगे और इसके बदले में,सरकार पेमेंट कंपनियों को इन ट्रांजैक्शन को आसान बनाने में होने वाले खर्च की भरपाई करेगी।
एक पेमेंट फर्म के एक सीनियर एग्जीक्यूटिव ने कहा "सब्सिडी अलॉटमेंट के बाद से MDR पर कोई अनाउंसमेंट नहीं हुआ है,इसलिए हम पिछले साल अनाउंस की गई सब्सिडी से ज़्यादा सब्सिडी चाहते हैं। लेकिन हमें नहीं पता कि सरकार क्या प्लान कर रही है। लेकिन UPI को गांवों और आबादी के नए हिस्सों तक पहुंचाने के लिए MDR ज़रूरी है"।
हालांकि,पिछले साल केंद्र सरकार ने मर्चेंट्स को UPI ट्रांजैक्शन पर सब्सिडी के तौर पर 1,500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी,जबकि इंडस्ट्री को करीब 5,000 करोड़ रुपये की उम्मीद थी। 2024 में, UPI के लिए सरकारी सब्सिडी 3,500 करोड़ रुपये थी। सरकारी पॉलिसी के अनुसार 2,000 रुपये से कम के UPI ट्रांजैक्शन पर 15 बेसिस प्वाइंट (bps) की सब्सिडी दी जाती है।
UPI देश का सबसे पॉपुलर डिजिटल पेमेंट टूल है। कुल ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में इसकी लगभग 85 फीसदी हिस्सेदारी है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा चलाए जाने वाले इस प्लेटफॉर्म पर एक महीने में 21.5 बिलियन से ज़्यादा ट्रांजैक्शन होते हैं,जिनकी कीमत 28 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा है।
पेमेंट इंडस्ट्री 2026 के केंद्रीय बजट में ज़्यादा UPI सब्सिडी चाहती है। मौजूदा UPI सब्सिडी डिजिटल पेमेंट को बढ़ाने के लिए इंडस्ट्री की ज़रूरतों को पूरा नहीं करती है। पेमेंट और फिनटेक कंपनियों को रिप्रेजेंट करने वाली PCI ने बड़े व्यापारियों और सभी RuPay डेबिट कार्ड के लिए MDR को फिर से लागू करने की मांग की है। बड़े मर्चेंट्स वे होते हैं जिनका सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपये से ज़्यादा होता है। इसने यह भी मांग की कि सरकार सभी RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन के लिए MDR पर विचार करे।