ADB ने FY26 में भारत के जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.5% से बढ़ाकर 7.2 फीसदी किया

एडीबी का कहना है कि टैक्स में कमी से कंजम्प्शन बढ़ा है, जिससे ग्रोथ पहले से ज्यादा रहने की उम्मीद है। एडीबी ने इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के डेटा आने के बाद अपना अनुमान बढ़ाया है। इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 8.2 फीसदी रही

अपडेटेड Dec 10, 2025 पर 4:31 PM
एशियाई विकास बैंक ने कहा है कि दूसरी तिमाही में अनुमान से ज्यादा ग्रोथ में जीएसटी में कमी और लगातार दूसरे महीने फूड प्राइसेज में गिरावट का हाथ है।

एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने इस वित्त वर्ष के लिए भारत की ग्रोथ के अनुमान को बढ़ा दिया है। उसने इसे 6.5 फीसदी से बढ़ाकर 7.2 फीसदी कर दिया है। उसने इसकी बड़ी वजह जीएसटी रेट्स में कमी को बताया है। एडीबी का कहना है कि टैक्स में कमी से कंजम्प्शन बढ़ा है, जिससे ग्रोथ पहले से ज्यादा रहने की उम्मीद है। एडीबी ने इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के डेटा आने के बाद अपना अनुमान बढ़ाया है।

दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 8.2 फीसदी

इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 8.2 फीसदी रही। एडीबी की रिपोर्ट में कहा गया है, "इंडिया में ग्रोथ अनुमान से ज्यादा रही, क्योंकि दूसरी तिमाही में जीडीपी 8.2 फीसदी बढ़ी। यह बीती छह तिमाहियों में सबसे तेज ग्रोथ है। इसमें प्राइवेट कंजम्प्शन का बड़ा हाथ है। हालांकि सरकारी कंजम्प्शन सुस्त है।"


FY27 की ग्रोथ के अनुमान में बदलाव नहीं

एडीबी ने अगले वित्त वर्ष यानी 2026-27 में जीडीपी ग्रोथ के अपने अपने 6.5 फीसदी अनुमान में बदलाव नहीं किया है। एशियाई विकास बैंक ने इंडिया के बढ़ते एक्सपोर्ट का भी जिक्र किया है। उसने कहा है कि जुलाई तक अमेरिका को भारत का एक्सपोर्ट्स बढ़ा है। इसमें स्मार्टफोन और फार्मास्युटिकल्स जैसे सेक्टर का हाथ है, जिन्हें अमेरिकी टैरिफ से छूट हासिल है। एडीबी ऐसी पहली संस्था नहीं है, जिसने इंडिया की ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाया है। इससे पहले कई ग्लोबल एजेंसी ने इस वित्त वर्ष के लिए इंडिया की ग्रोथ के अपने अनुमान बढ़ाए हैं।

RBI ने ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.1 फीसदी किया

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने हाल में ग्रोथ के मामले में इंडियन इकोनॉमी के प्रदर्शन की तारीफ की थी। उसने कहा था कि सरकार के फिस्कल टारगेट को भी हासिल करने की उम्मीद है। इससे पहले आरबीआई ने इस वित्त वर्ष में भारत की ग्रोथ के अनुमान को 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 7.3 फीसदी कर दिया था। इस वित्त वर्ष की दोनों तिमाहियों में इंडियन इकोनॉमी का प्रदर्शन शानदार रहा है।

एडीबी ने इनफ्लेशन के अनुमान को भी घटाया

एडीबी ने इस वित्त वर्ष में इंडिया में इनफ्लेशन के अपने अनुमान को 3.1 फीसदी से घटाकर 2.6 फीसदी कर दिया है। इनफ्लेशन इससे भी कम रह सकता है, क्योंकि आरबीआई को अब इस वित्त वर्ष में कीमतें सिर्फ 2.1 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। अक्तूबर में रिटेल इनफ्लेशन गिरकर 0.3 फीसदी पर आ गया। यह 2012 में शुरू करेंट सीरीज में सबसे कम इनफ्लेशन है।

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जीएसटी में कमी से ग्रोथ को मिल रहा बढ़ावा

एशियाई विकास बैंक ने कहा है कि दूसरी तिमाही में अनुमान से ज्यादा ग्रोथ में जीएसटी में कमी और लगातार दूसरे महीने फूड प्राइसेज में गिरावट का हाथ है। कृषि उत्पादन भी बढ़ा है और मौसम की स्थितियां अनुकूल रही हैं। एडीबी ने अगले वित्त वर्ष में रिटेल इनफ्लेशन के 4.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।

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