FY26 में ₹2 लाख करोड़ को पार कर जाएगा सरकारी बैंकों का मुनाफा, जमा 10% बढ़ी

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल मुनाफा 3 साल में दोगुना हो जाएगा। PSBs ने वित्त वर्ष 2024-25 में 34990 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया। वित्त मंत्रालय FDI की सीमा को मौजूदा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने पर विचार कर रहा है

अपडेटेड Feb 08, 2026 पर 3:30 PM
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FY26 की पहली छमाही में ही PSBs के मुनाफे ने लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को छू लिया है।

मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) का मुनाफा कुल मिलाकर 2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाना चाहिए। ऐसा भरोसा वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने जताया है। भारतीय बैंकिंग सेक्टर के अच्छी स्थिति में होने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इस साल PSBs के क्रेडिट में 12 प्रतिशत और जमा में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह काफी उत्साहजनक है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ''बैंक अर्थव्यवस्था की मजबूती के संकेत हैं। इसलिए, वे रिजीलिएंट हैं। हमारे पास बैंकिंग रेगुलेटर RBI के तहत बहुत ही विवेकपूर्ण मैनेजमेंट सिस्टम्स मौजूद हैं। इसलिए हम अपने बैंकिंग सेक्टर पर नकारात्मक असर डालने वाले बाहरी कारकों के बारे में बहुत चिंतित नहीं हैं।''

PSBs का कुल मुनाफा 3 साल में हो जाएगा दोगुना


सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मुनाफे के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ''इस साल (चालू वित्त वर्ष में) हम 2 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएंगे। हमने पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में ही लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को छू लिया है... मुझे लगता है कि हम 2 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएंगे।''

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल मुनाफा 3 साल में दोगुना हो जाएगा। इन बैंकों का मुनाफा वित्त वर्ष 2022-23 में 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर 1.05 लाख करोड़ रुपये हो गया था। वित्त वर्ष 2023-24 में यह 1.41 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में 1.78 लाख करोड़ रुपये को छू गया। इसके पीछे एसेट क्वालिटी में अच्छा सुधार, क्रेडिट ग्रोथ, हेल्दी कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो और एसेट्स पर बढ़ता रिटर्न कारण रहे।

NPA की स्थिति

जहां तक ​​PSBs की एसेट क्वालिटी की बात है, तो सितंबर 2025 के आखिर में ग्रॉस NPA रिकॉर्ड निचले स्तर 2.30 प्रतिशत पर था। नेट NPA 3 प्रतिशत पर था। सितंबर 2025 के आखिर में प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो (PCR) सुधरकर 94.63 प्रतिशत हो गया, जबकि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के आखिर में PSB का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 15.96 प्रतिशत रहा।

PSBs ने वित्त वर्ष 2024-25 में 34990 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया। इसमें भारत सरकार का हिस्सा 22,699 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में शेयरहोल्डर्स को कुल 27,830 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिला, जिसमें भारत सरकार का हिस्सा 18,013 करोड़ रुपये था।

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FDI लिमिट बढ़ाने पर क्या अपडेट

वित्त मंत्रालय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को मौजूदा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने पर विचार कर रहा है। इस पर नागराजू ने कहा, ''हम अभी भी विचार कर रहे हैं, और FDI सीमा को 49 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए अंतर-मंत्रालयी परामर्श जारी है।'' प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के लिए FDI हासिल करने की सीमा 74 प्रतिशत है। प्राइवेट बैंकों में 49 प्रतिशत तक FDI ऑटोमेटिक रूट से मंजूर है, जबकि 49 प्रतिशत से ज्यादा और 74 प्रतिशत तक के विदेशी निवेश के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी है।

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