Trade Deficit: दिसंबर में 25 अरब डॉलर रहा देश का व्यापार घाटा, एक्सपोर्ट 2% बढ़ा

Trade Deficit: वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का निर्यात सकारात्मक वृद्धि दर्ज कर रहा है। अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान निर्यात 2.44 प्रतिशत बढ़कर 330.29 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। आयात, निर्यात से ज्यादा होता है तो ट्रेड डेफिसिट की स्थिति बनती है

अपडेटेड Jan 15, 2026 पर 3:05 PM
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व्यापार घाटा, निर्यात और आयात के बीच का अंतर होता है।

भारत का व्यापार घाटा (Trade Deficit) दिसंबर 2025 में 25 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इस दौरान देश का वस्तु निर्यात 1.87 प्रतिशत बढ़कर 38.5 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। आयात बढ़कर 63.55 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जो दिसंबर 2024 में 58.43 अरब डॉलर था। नए जारी हुए सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। नवंबर 2025 में भारत का व्यापार घाटा 24.53 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था। निर्यात 19.37 38.13 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 62.66 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा था।

व्यापार घाटा, निर्यात (Export) और आयात (Import) के बीच का अंतर होता है। अगर आयात, निर्यात से ज्यादा होता है तो ट्रेड डेफिसिट की स्थिति बनती है। वहीं निर्यात के आयात से ज्यादा होने पर ट्रेड सरप्लस की स्थिति बनती है।

​FY26 में कितने निर्यात का अनुमान


वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का निर्यात सकारात्मक वृद्धि दर्ज कर रहा है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 में वस्तु और सेवाओं यानि कि गुड्स एंड सर्विसेज का निर्यात 850 अरब डॉलर से अधिक रहने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान देश का निर्यात 2.44 प्रतिशत बढ़कर 330.29 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।

बीते साल चीन को निर्यात बढ़ा

एक दिन पहले बुधवार को जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, चीन को होने वाले भारतीय निर्यात में 2025 के दौरान सालाना आधार पर 5.5 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि इस अवधि में व्यापार घाटा 116.12 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। 2025 में द्विपक्षीय व्यापार भी 155.62 अरब डॉलर के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। चीन को होने वाला भारतीय निर्यात पिछले साल जनवरी से दिसंबर के बीच बढ़कर 19.75 अरब डॉलर हो गया। यह 9.7 प्रतिशत की वृद्धि है, जो राशि के मामले में 5.5 अरब डॉलर बैठती है।

वहीं दूसरी ओर, भारत को होने वाला चीनी निर्यात पिछले साल 12.8 प्रतिशत बढ़कर 135.87 अरब डॉलर हो गया। दोनों देशों के बीच व्यापार में तेजी आ रही है। हालांकि चीन के साथ व्यापार घाटा भारत के लिए एक समस्या बना हुआ है और यह पिछले साल 116.12 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वर्ष 2023 के बाद यह दूसरी बार है, जब व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर के पार गया है। साल 2024 में व्यापार घाटा 99.21 अरब डॉलर था।

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