MC-Deloitte CXO survey : सर्वे में शामिल 80 प्रतिशत से ज़्यादा सीनियर कॉर्पोरेट लीडर्स ने अगले 12 महीनों में भारत की आर्थिक ग्रोथ की मजबूत संभावनाओं पर भरोसा जताया है। अगले साल भारत की कुल ग्रोथ की संभावनाओं से जुड़े एक सवाल के जवाब में, 47 CXO ने इस सर्वे में हिस्सा लिया। इनमें से 60 प्रतिशत ने कहा कि वे भारत के ग्रोथ आउटलुक को लेकर कॉन्फिडेंट हैं, जबकि 21 प्रतिशत ने कहा कि वे बहुत कॉन्फिडेंट हैं। कुल मिलाकर, 80 प्रतिशत से ज़्यादा जवाब देने वालों ने निकट भविष्य में देश की ग्रोथ के बारे में पॉजिटिव राय दी।
6 प्रतिशत CXO के एक छोटे से हिस्से ने न्यूट्रल रुख अपनाया। इनकी चिंताएं अपेक्षाकृत सीमित थीं। केवल 8.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे ग्रोथ को लेकर थोड़े चिंतित हैं। सिर्फ 4 प्रतिशत CXO ने ग्रोथ को लेकर खुद को बहुत चिंतित बताया।
मध्यम अवधि का आउटलुक अच्छा
इस सर्वे में भाग लेने वाले का मानना है कि देश का मध्यम अवधि का ग्रोथ आउटलुक अच्छा है। सर्वे में शामिल 50 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे ग्रोथ को लेकर आशावादी हैं। उनका मानना है कि अगले फाइनेंशियल ईयर में ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) ग्रोथ 6.5-7 प्रतिशत पर रह सकती है। 20 प्रतिशत लोगों ने खुद को बहुत ज़्यादा आशावादी बताया। उन्होने उम्मीद जताई कि 2026-27 में GDP ग्रोथ 7 प्रतिशत से ज़्यादा रहेगी।
कुल मिलाकर, लगभग 70 प्रतिशत जवाब देने वालों को उम्मीद है कि FY2026-27 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.5 प्रतिशत या उससे ज़्यादा की दर से बढ़ेगी। साथ ही, सर्वे में थोड़ी सावधानी वाला नजरिया भी दिखा। 24 प्रतिशत CXO ने कहा कि उनका नज़रिया न्यूट्रल है। उन्होंने GDP ग्रोथ 6-6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया। ये तेज़ी के बजाय धीमी ग्रोथ की उम्मीद का संकेत है।
सिर्फ़ 6.5 प्रतिशत उत्तरदाता ही निराशावादी रहे,जिन्हें उम्मीद है कि FY2026-27 में GDP ग्रोथ 6 प्रतिशत से नीचे गिर जाएगी।
सर्वे में शामिल एक CXO ने कमेंट किया,"भारतीय अर्थव्यवस्था घरेलू मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों में तेजी की वजह से बढ़ेगी। यह बाहरी कारणों से होने वालो उतार-चढ़ाव का सामना कर पाएगी।"
एक और CXO ने कहा "भारत में सबसे बड़ा वर्किंग क्लास और आबादी है। मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमरिज्म ग्रोथ की राह पर हैं। भारत को दुनिया भर में अपनी स्थिर राजनीतिक स्थिति और भरोसेमंद अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है"। एक दूसरे CXO ने कहा"कुल मिलाकर, 6-7 प्रतिशत की ग्रोथ होगी, लेकिन ग्रोथ की क्वालिटी चिंता का विषय है।"
कुल मिलाकर, CXO सर्वे से पता चलता है कि भारत की ग्रोथ स्टोरी पर शॉर्ट टर्म और मीडियम टर्म दोनों नजरिए से भरोसा बना हुआ है। साथ ही,काफी लोगों की न्यूट्रल राय यह भी बताती है कि कॉर्पोरेट लीडर्स बदलते ग्लोबल और घरेलू आर्थिक माहौल में उम्मीदों और सावधानी के बीच बैलेंस बना कर चल रहे हैं।
बता दें कि मनीकंट्रोल-डेलॉइट CXO सर्वे, मनीकंट्रोल और डेलॉइट ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच किया था। इस सर्वे में बैंकिंग और इंश्योरेंस, मैन्युफैक्चरिंग,ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स, एनर्जी,लाइफ साइंसेज और हेल्थ, टेलीकॉम और टेक, ई-कॉमर्स जैसी अलग-अलग इंडस्ट्री के CXO शामिल हुए। सर्वे में शामिल लोग तीन कैटेगरी की कंपनियों के लीडर हैं। इसमें बहुत बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां (3000 करोड़ रुपये से ज़्यादा), बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां (500 करोड़ रुपये से 3000 करोड़ रुपये तक) और MSMEs (500 करोड़ रुपये और उससे कम) के CXOs शामिल रहे।