रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकिंग सिस्टम में सरप्लस लिक्विडिटी हटानी शुरू कर दी है। खास बात यह है कि रेपो रेट में बड़ी कमी और लिक्विडिटी बढ़ाने के उपायों के कुछ ही हफ्ते बाद आरबीआई ने अपना रुख बदल दिया है। इसका असर मनी मार्केट पर पड़ा है। दरों में इजाफा देखने को मिला है। ट्रेडर्स का कहना है कि यह ट्रेंड आगे जारी रहेगा। आरबीआई 27 जून को सेवेन-डे वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो (वीआरआरआर) कंडक्ट करेगा। यह 1 लाख करोड़ रुपये का होगा। नवंबर का बाद यह ऐसा पहला ऑपरेशन होगा।
