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RBI के लिक्विडिटी घटाने के उपायों से ओवरनाइट रेट्स और ट्रेजरी बिल रेट्स बढ़ेंगे

आरबीआई 27 जून को सेवेन-डे वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो (वीआरआरआर) कंडक्ट करेगा। यह 1 लाख करोड़ रुपये का होगा। इसके बाद ओवरनाइट रेट्स और ट्रेजरी बिल रेट्स में इजाफा हो सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 25, 2025 पर 2:35 PM
RBI के लिक्विडिटी घटाने के उपायों से ओवरनाइट रेट्स और ट्रेजरी बिल रेट्स बढ़ेंगे
वेटेड एवरेज कॉल रेट पिछले कुछ हफ्तों से स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसलिटी (SDF) रेट के करीब बना हुआ है।

रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकिंग सिस्टम में सरप्लस लिक्विडिटी हटानी शुरू कर दी है। खास बात यह है कि रेपो रेट में बड़ी कमी और लिक्विडिटी बढ़ाने के उपायों के कुछ ही हफ्ते बाद आरबीआई ने अपना रुख बदल दिया है। इसका असर मनी मार्केट पर पड़ा है। दरों में इजाफा देखने को मिला है। ट्रेडर्स का कहना है कि यह ट्रेंड आगे जारी रहेगा। आरबीआई 27 जून को सेवेन-डे वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो (वीआरआरआर) कंडक्ट करेगा। यह 1 लाख करोड़ रुपये का होगा। नवंबर का बाद यह ऐसा पहला ऑपरेशन होगा।

ओवरनाइट रेट के रेपो रेट से कम रहने पर आरबीआई नाखुश

Variable rate reverse repo (VRRR) का आयोजन यह बताता है कि आरबीआई ओवरनाइट और ट्रेजरी बिल रेट्स के रेपो रेट से नीचे बने रहने से खुश नहीं है। माना जा रहा है कि आरबीआई के वीआरआरआर कंडक्ट करने के बाद ये रेट्स रेपो रेट जितने हो जाएंगे। इससे बैंकों के लिए शॉर्ट टर्म फंडिंग की कॉस्ट बढ़ जाएगी। इससे रेट कट में कमी का फायदा कुछ हद तक कम हो जाएगा।

लिक्विडिटी में आरबीआई के कमी करने का अंदाजा पहले से था

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