RBI policy : बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता के बीच,भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि जहां एक ओर भारत के मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल्स मज़बूत बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष देश के इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए एक बड़ा जोखिम पैदा कर रहा है। उन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 की अपनी पहली मौद्रिक नीति घोषणा में कहा कि इस साल के फरवरी तक के हाई-फ़्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स से पता चलता है कि आर्थिक गतिविधियों में मज़बूत मोमेंटम बना हुआ है। हालांकि,पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से इस विकास में रुकावट आने की संभावना है।
आरबीआई गवर्नर ने आगे कहा कि मार्च में जब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का दायरा बढ़ गया और उसकी तीव्रता भी बढ़ गई,तब हालात और बिगड़ गए। मौजूदा समय में भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद पिछले संकट की स्थितियों के मुकाबले और साथ ही कई अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भी ज़्यादा मज़बूत स्थिति में है। इसके चलते हमारी इकोनॉमी इस तरह के झटकों को झेलने के लिए ज्यादा बेहतर स्थिति में है।
उन्होंने आगे कहा कि अभी तो कोर महंगाई नियंत्रण में बनी हुई है। लेकिन तेल-गैस की बढ़ती कीमतों और खाने-पीने की चीजों पर मौसम से जुड़े संभावित दबावों के कारण इसके बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है।
ग्लोबल इकोनॉमी से जुड़ी चिंताओं को उजागर करते हुए,RBI गवर्नर ने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण ऑयल मार्केट में अस्थिरता बढ़ी है, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का डर और बढ़ गया है। इन चुनौतियों के बावजूद,उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत की स्थिति बेहतर है।
ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण बढ़ी अनिश्चितता ने दुनिया भर के फाइनेंशियल मार्केट को भी प्रभावित किया है। सुरक्षित-निवेश (safe-haven)विकल्पों की तरफ बढ़े रुझान ने अमेरिकी डॉलर को मज़बूत किया है,जिससे दुनिया की तमाम बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर अवमूल्यन का दबाव बढ़ा है। साथ ही मेटल और सोने जैसी कमोडिटी की कीमतें नरम पड़ी हैं, जबकि वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है।
आरबीआई ने घटाया ग्रोथ का अनुमान
इन बातों को ध्यान में रखते हुए आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए रियल GDP ग्रोथ अनुमान 6.9% किया है। वहीं, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही का GDP अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.8 फीसदी कर दिया है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही का GDP अनुमान 7 फीसदी से घटाकर 6.7 फीसदी कर दिया गया है। वहीं, FY27 Q3 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 7% फीसदी किया गया है। जबकि, FY27 Q4 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 7.2% किया गया है।