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स्वतंत्रता दिवस से पहले खुशखबरी! S&P ने इंडिया की रेटिंग 'BBB-' से बढ़ाकर 'BBB' की, जानिए क्या है इसका मतलब

S&P ने कहा है कि अगले दो से तीन साल में इंडिया की ग्रोथ तेज बनी रहने की उम्मीद है। उसने लंबी अवधि की सॉवरेन रेटिंग बढ़ाने के अलावा इंडिया की शॉर्ट टर्म रेटिंग को भी 'A-3' से बढ़ाकर 'A-2' कर दी है। लॉन्ग टर्म रेटिंग पर आउटलुक को स्टेबल बनाए रखा है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Aug 14, 2025 पर 5:26 PM
स्वतंत्रता दिवस से पहले खुशखबरी! S&P ने इंडिया की रेटिंग 'BBB-' से बढ़ाकर 'BBB' की, जानिए क्या है इसका मतलब
S&P ने कहा है कि कि चूंकि इंडिया की इकोनॉमी घरेलू खपत पर आधारित है, जिससे अमेरिकी टैरिफ का उस पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल इंडिया की लॉन्ग टर्म सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग 'बीबीबी-' से बढ़ाकर 'बीबीबी' कर दी है। उसने इस बारे में 14 अगस्त को एक बयान जारी किया। इसमें उसने कहा कि इकोनॉमी के अच्छा प्रदर्शन और लगातार फिस्कल कंसॉलिडेशन को देखते हुए इंडिया की सॉवरेन रेटिंग बढ़ाई गई है। उसने इंडिया के आउटलुक को भी स्टेबल बताया है। स्टेबल आउटलुक का मतलब है कि भारत में पॉलिसी के मामले में स्टैबिलिटी है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा निवेश से हो रहा है, जिससे लंबी अवधि में ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।

अगले 2-3 सालों में इंडिया की ग्रोथ तेज बनी रहेगी

S&P ने कहा है कि अगले दो से तीन साल में इंडिया की ग्रोथ तेज बनी रहने की उम्मीद है। उसने लंबी अवधि की सॉवरेन रेटिंग बढ़ाने के अलावा इंडिया की शॉर्ट टर्म रेटिंग को भी 'A-3' से बढ़ाकर 'A-2' कर दी है। लॉन्ग टर्म रेटिंग पर आउटलुक को स्टेबल बनाए रखा है। एसएंडपी की रिपोर्ट में इंडिया के ग्रोथ के स्ट्रॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड का जिक्र है। खासकर कोविड के बाद इंडिया की जीडीपी की ग्रोथ के बारे में बताया गया है। FY22-FY24 के दौरान इंडिया की जीडीपी की औसत ग्रोथ 8.8 फीसदी रही, जो एशिया-पैसेफिक में सबसे ज्यादा है।

भारत दुनिया में सबसे अच्छे प्रदर्शन वाली इकोनॉमी

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