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GST News: अप्रैल में 8.7% बढ़ा जीएसटी कलेक्शन, लेकिन इस कारण नेट रेवेन्यू की रफ्तार सुस्त

GST Collections in April: इस वित्त वर्ष 2027 के पहले महीने अप्रैल में ताबड़तोड़ जीएसटी कलेक्ट हुई। हालांकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसमें कोई आश्चर्य नहीं है क्योंकि आमतौर पर अप्रैल महीना मजबूत रहता है। हालांकि आयात से होने वाली कमाई से खास संकेत मिले हैं, जानिए क्या और ग्रास कलेक्शन में तेज उछाल के बावजूद नेट कलेक्शन की रफ्तार सुस्त क्यों रही

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड May 01, 2026 पर 2:31 PM
GST News: अप्रैल में 8.7% बढ़ा जीएसटी कलेक्शन, लेकिन इस कारण नेट रेवेन्यू की रफ्तार सुस्त
GST Colletcions in April: अप्रैल में ग्रास रेवेन्यू सालाना आधार पर 8.7% की रफ्तार से बढ़कर ₹2.42 लाख करोड़ पर पहुंच गया। मासिक आधार पर यानी मार्च के मुकाबले इसमें 21% की तेजी आई है।

GST Collections in April: जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) के मोर्चे पर चालू वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। अप्रैल में ग्रास रेवेन्यू सालाना आधार पर 8.7% की रफ्तार से बढ़कर ₹2.42 लाख करोड़ पर पहुंच गया। मासिक आधार पर यानी मार्च के मुकाबले इसमें 21% की तेजी आई है। हालांकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन का ज्यादा होना कोई नई बात नहीं है। मार्च में अधिक बिक्री, स्टॉक क्लियरेंस और अकाउंट क्लोजिंग की वजह से इसका असर अप्रैल में दिखता है। वित्तीय वर्ष के आखिरी महीने में होने वाले लेन-देन अप्रैल में फाइल होते हैं। हालांकि ये आंकड़े सामान्य हैं लेकिन खास बात आयात से होने वाली कमाई है।

एकेएम ग्लोबल के प्रमुख (इनडायरेक्ट टैक्स) इकेश नागपाल के मुताबिक अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन आमतौर पर अधिक होता है। मार्च में बढ़ी हुई बिक्री, इन्वेंट्री क्लीयरेंस और बुक क्लोजर के कारण वित्त वर्ष के आखिरी में होने वाली तेजी स्वाभाविक रूप से अप्रैल में भी जारी रहती है। इस बार के आंकड़ों में कुछ अहम राज्यों का दबदबा बना रहा जैसे कि महाराष्ट्र से ₹42,467 करोड़, कर्नाटक से ₹18,939 करोड़ और गुजरात से ₹15,620 करोड़ की जीएसटी कलेक्ट हुई। नागपाल के मुताबिक यह हाई आउटपुट और ऊंची खपत वाले राज्यों के दबदबे को दिखाता है।

केपीएमजी के पार्टनर अभिषेक जैन का कहना है कि वित्त वर्ष के आखिरी में थोड़ी बढ़ोतरी होती है लेकिन इतने बड़े पैमाने पर कलेक्शन का बढ़ना इकॉनमी की मजबूती को दिखाता है। उन्होंने कहा कि बेहतर टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन, डिजिटल निगरानी और बढ़ते टैक्स बेस से इसे सपोर्ट मिला।

आयात से होने वाली कमाई में क्या रही खास बात?

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