India's GDP Growth Forecast: वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। दुनिया की दिग्गज रेटिंग एजेंसी S&P ग्लोबल ने भारत के ग्रोथ को लेकर अपने पुराने अनुमान में बदलाव किया है। एजेंसी ने साल 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 40 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 7.1% कर दिया है। हालांकि, रेटिंग एजेंसी ने मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण तेल की कीमतों में उछाल और उससे जुड़ी महंगाई को लेकर चेतावनी भी दी है।
S&P ग्लोबल ने भारत की ग्रोथ के सामने सबसे बड़ी चुनौती 'ईंधन' को बताया है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर भारत जैसे तेल आयातक देशों पर पड़ रहा है। बढ़ती ईंधन कीमतें महंगाई को और ऊपर धकेल सकती हैं।
रेटिंग एजेंसी ने भविष्य के लिए भारत की विकास दर के आंकड़ों में सुधार किया है:
वित्त वर्ष 2026-27: ग्रोथ अनुमान 0.40% बढ़कर 7.1% हुआ।
वित्त वर्ष 2027-28: ग्रोथ अनुमान 0.20% बढ़कर 7.2% किया गया।
वित्त वर्ष 2028-29: ग्रोथ अनुमान 0.20% बढ़कर 7.0% रहने की उम्मीद है।
महंगाई और ब्याज दरों का गणित
एजेंसी का अनुमान है कि रिटेल इन्फ्लेशन वित्त वर्ष 2026 में 2.5% से बढ़कर FY27 में 4.3% पर पहुंच सकती है। इस साल फरवरी में महंगाई दर 10 महीने के उच्चतम स्तर 3.21% पर रही थी। इस बाबत उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रखेगा। फिलहाल रेपो रेट 5.25% है। गौरतलब है कि अगस्त 2025 में S&P ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को BBB- से बढ़ाकर BBB कर दिया था, जो भारतीय बाजार की मजबूती को दर्शाता है।
अन्य रेटिंग एजेंसियों का क्या है अनुमान?
बाजार में अन्य रेटिंग एजेंसियां भी भारत की ग्रोथ पर नजरें बनाए हुए हैं। दुनिया की दूसरी बड़ी रेटिंग एजेंसी 'फिच' का अनुमान S&P से थोड़ा अलग है। फिच ने FY26 के लिए 7.5% ग्रोथ का अनुमान लगाया है, लेकिन FY27 में इसके घटकर 6.7% रहने की बात कही है। फिच के अनुसार, दिसंबर तक महंगाई 4.5% तक जा सकती है। वहीं रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान लगाया है।