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देश की ग्रोथ के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं बाहरी झटके, निकट भविष्य का आउटलुक अनिश्चित: वित्त मंत्रालय

वैश्विक घटनाओं ने भारत के लिए जटिल और बहुस्तरीय जोखिम पैदा कर दिए हैं। हाल में तेल की कीमतों में उछाल मध्यम अवधि में महंगाई के लिए जोखिम पैदा करता है। आर्थिक वृद्धि को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान देना जरूरी होगा

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 29, 2026 पर 10:04 AM
देश की ग्रोथ के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं बाहरी झटके, निकट भविष्य का आउटलुक अनिश्चित: वित्त मंत्रालय
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने मार्च महीने की मासिक आर्थिक समीक्षा जारी की है।

भारत में निकट भविष्य का आउटलुक अनिश्चित बना हुआ है। बाहरी झटके विशेष रूप से पश्चिम एशिया संकट, कच्चे माल की उच्च लागत और सप्लाई में संभावित बाधाएं, ग्रोथ के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं। यह बात वित्त मंत्रालय ने एक रिपोर्ट में कही है। लेकिन यह भी कहा कि मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल्स और ठोस घरेलू मांग इन झटकों के असर को कम करने में मदद कर सकते हैं।

वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने मार्च महीने की मासिक आर्थिक समीक्षा (Monthly Economic Review) जारी की है। इसके अनुसार, वैश्विक घटनाओं ने भारत के लिए जटिल और बहुस्तरीय जोखिम पैदा कर दिए हैं। इसका कारण है कि देश एनर्जी का एक प्रमुख इंपोर्टर है। साथ ही पश्चिम एशिया क्षेत्र के साथ व्यापार, निवेश और रेमिटेंस के मामले में अच्छा जुड़ाव है।

रिव्यू में कहा गया है, "हालांकि भारत के अपेक्षाकृत मजबूत मैक्रो इकोनॉमिक फंडामेंटल्स और लगातार किए जा रहे नीतिगत प्रयास मजबूती प्रदान करते हैं, लेकिन बदलती स्थिति के लिए गहन निगरानी और संतुलित नीतिगत प्रतिक्रियाओं की जरूरत है।"

लगातार निगरानी और सतर्कता जरूरी

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