RBI Repo Rate Cut News : भारतीय रिज़र्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने इस साल की पहली पॉलिसी रिव्यू मीटिंग में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है, जिससे मौजूदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। महंगाई के अनुमान के RBI के कम्फर्ट ज़ोन में रहने और ग्रोथ की गति स्थिर होने के कारण, सेंट्रल बैंक ने पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) इन्वेस्टर्स के लिए इसका मतलब है FD दरों में स्थिरता। निकट भविष्य में दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम है।
आरबीआई के फैसले का FD रिटर्न पर क्या होगा असर?
रेपो रेट में कई बदलाव न होना आमतौर पर डिपॉज़िट दरों के स्थिर रहने का संकेत देता है,क्योंकि बैंकों को अपनी ब्याज दरों को जल्दी से एडजस्ट करने का कोई मज़बूत कारण नहीं मिलता। ज़्यादातर बैंकों ने पहले ही पिछली पॉलिसी में हुए बदलावों को शामिल कर लिया था। ऐसे में मौजूदा स्थिति बनाए रखने का मतलब है कि आने वाले महीनों में FD यील्ड समान रहेगी।
अलग-अलग बैंकों की मौजूदा FD ब्याज दरों पर एक नजर
फिक्स्ड डिपॉज़िट, ज्यादा कंजर्वेटिव बचत करने वालों के लिए एक सुरक्षित निवेश विकल्प होता है। यह विकल्प खासकर उन लोगों को पसंद आता है जो कम जोखिम के साथ स्थिर इनकम चाहते हैं।
BankBazaar.com के CEO, अधिल शेट्टी का कहना है कि रेपो रेट में ठहराव से पहले लिए गए पॉलिसी एक्शन के बाद डिपॉज़िट रिटर्न में धीरे-धीरे आ रही कमी बनी रहेगी। ज़्यादा रिटर्न वाले फिक्स्ड डिपॉज़िट अब कम होते जा रहे हैं। ज़्यादातर बड़े ऑफर एक छोटी रेंज में सिमट रहे हैं। जबकि मौजूदा लिक्विडिटी की स्थिति डिपॉज़िट जुटाने में मदद कर रही है,स्थिर रेट वाले माहौल में FD रेट में काफी बढ़ोतरी होने की संभावना कम है।
अब FD इन्वेस्टर्स किधर कर सकते हैं रुख?
FD दरें बैंकों और टेन्योर के हिसाब से अलग-अलग होती हैं, जिसमें टॉप प्राइवेट बैंक और NBFCs अक्सर सबसे अच्छा रिटर्न देते हैं। सीनियर सिटीजन स्पेशल सीनियर सिटीजन FD दरों के ज़रिए एक्स्ट्रा इंटरेस्ट भी कमा सकते हैं।
फाइनेंशियल एडवाइज़र, ट्रेडिशनल बैंक FD के अलावा कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपॉज़िट,डेट म्यूचुअल फंड और सरकारी सिक्योरिटीज़ जैसे ऑप्शन अपनाने की भी सलाह देते हैं। हालांकि ये तरीके बेहतर रिटर्न दे सकते हैं,लेकिन इन्वेस्टर्स को अपने लक्ष्यों,रिस्क लेने की क्षमता और इन्वेस्टमेंट की समय-सीमा के आधार पर उनका मूल्यांकन करना चाहिए ताकि यह पक्का हो सके कि उनका फैसला सही है।