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Wholesale Inflation: 19 महीनों बाद निगेटिव जोन में आई थोक महंगाई, जून में रही -0.13%

WPI: थोक महंगाई में कमी की मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों, खनिज तेलों, मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की लागत में नरमी, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस आदि की कीमतों में नरमी रही। पिछले साल जून में थोक महंगाई 3.43 प्रतिशत थी। 14 जुलाई को जून की खुदरा महंगाई का डेटा भी जारी हो गया

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jul 14, 2025 पर 11:48 PM
Wholesale Inflation: 19 महीनों बाद निगेटिव जोन में आई थोक महंगाई, जून में रही -0.13%
मई महीने में थोक महंगाई 0.39 प्रतिशत थी।

जून 2025 में देश में थोक महंगाई गिरकर 19 महीनों के बाद निगेटिव जोन में यानि शून्य से नीचे आ गई। आंकड़ा -0.13 प्रतिशत रहा। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खानेपीने की चीजों और ईंधन में डिफ्लेशन बढ़ने और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की लागत में नरमी के कारण थोक महंगाई निगेटिव जोन में दर्ज की गई। मई महीने में होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI ) बेस्ड थोक महंगाई 0.39 प्रतिशत थी। पिछले साल जून में यह 3.43 प्रतिशत थी।

उद्योग मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘जून 2025 में महंगाई में कमी की मुख्य वजह खानेपीने की चीजों, खनिज तेलों, मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की लागत में नरमी, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस आदि की कीमतों में नरमी रही।’’

खानेपीने की चीजों की थोक महंगाई -3.75 प्रतिशत

थोक महंगाई दर के आंकड़ों के अनुसार, जून में खानेपीने की चीजों की थोक महंगाई -3.75 प्रतिशत रही। मई में यह -1.56 प्रतिशत रही थी। सब्जियों की कीमतों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। जून में सब्जियों की थोक महंगाई -22.65 प्रतिशत दर्ज की गई। मई में यह -21.62 प्रतिशत रही थी। मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स के मामले में थोक महंगाई 1.97 प्रतिशत रही, जबकि मई में यह 2.04 प्रतिशत थी। ईंधन और बिजली में जून में थोक महंगाई दर -2.65 प्रतिशत रही, जो मई में -2.27 प्रतिशत रही थी।

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