Bihar Board Exam 2026 Dress Code: बिहार में इंटरमीडिएट (12वीं) की बोर्ड परीक्षाएं 2 फरवरी से शुरू होंगी। सभी छात्र इस समय जी-जान से अपनी तैयारियों में लगे हैं। सोमवार से शुरू हो रही परीक्षाओं के लेकर छात्रों में उत्सुकता और डर दोनों है। परीक्षा का पहला दिन, पहला पेपर, प्रवेश पत्र और जरूरी स्टेश्नरी के साथ-साथ परीक्षा के ड्रेस कोड का भी ध्यान रखना बेहद जरूरी है। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने परीक्षा शुरू होने से करीब एक हफ्ते पहले बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें अन्य जरूरी बातों के अलावा ड्रेस कोड पर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी। इसलिए परीक्षा केंद्र जाने से पहले इन बदलावों को समझना जरूरी है।
चप्पल या सैंडल पहन परीक्षा देने जाएं छात्र
बिहार बोर्ड परीक्षा में कड़ाके की ठंड को देखते हुए अक्सर जूते-मोजे पहनने की इजाजत दे दी जाती है। लेकिन इस बार बीएसईबी ने बोर्ड परीक्षार्थियों के ड्रेस कोड पर सख्त रुख अपनाया है। बोर्ड ने कहा है कि छात्र जूते-मोजे के बजाए चप्पल या सैंडल पहनकर आएं तो बेहतर होगा। हालांकि, अगर बोर्ड परीक्षा के दिनों में ज्यादा ठंड बढ़ती है तो बोर्ड आखिरी समय में जूते-मोजे पहनने की छूट दे सकता है। मगर, इसकी सूचना अलग से दी जाएगी। इसके लिए बिहार बोर्ड वेबसाइट पर आने वाले अपडेट्स देखते रहें।
बोर्ड परीक्षा केंद्र में ये लेकर न जाएं
परीक्षा केंद्र के अंदर कई चीजों को लेकर जाने की मनाही है :
ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिका पर रखें ध्यान
बिहार बोर्ड ने स्टूडेंट्स को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे अपनी ओएमआर शीट पर व्हाइटनर, इरेजर या ब्लेड जैसी किसी भी चीज का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। ऐसा करने पर उस प्रश्न का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। साथ ही, उत्तर पुस्तिका पर अपनी डिटेल्स भरने में कोई गलती न करें। अगर इस तरह की चीज आंसर शीट पर पाई जाती है तो आपको 0 मिलेगा।
परीक्षा केंद्र पर एक घंटा पहले पहुंचें
सोमवार से शुरू हो रही इंटरमीडिएट परीक्षा दो शिफ्ट में होगी। बिहार बोर्ड ने साफ किया है कि पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से शुरू होगी। इसके लिए छात्रों को सुबह 9:00 बजे तक परीक्षा केंद्र में दाखिल होना जरूरी है। वहीं, दूसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से होगी। इसके लिए दोपहर 1:30 बजे तक बिहार बोर्ड परीक्षा केंद्र के गेट बंद होने के बाद किसी भी स्टूडेंट को एंट्री नहीं दी जाएगी। इसका मतलब है कि अगर आप एक घंटे पहले परीक्षा केंद्र नहीं पहुंचे तो कुछ मिनटों के चक्कर में पूरे साल की मेहनत बर्बाद हो जाएगी।