Bihar Board Exams: बिहार स्कूल एग्जामिनेश बोर्ड (BSEB) की शैक्षिक सत्र 2025-26 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की अंतिम परीक्षाएं फरवरी 2026 से शुरू होंगी। इस समय सभी छात्र अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। बोर्ड परीक्षा में हर छात्र अच्छे नंबर लाना चाहता है। लेकिन ये सपना हर किसी का पूरा नहीं हो पाता है। बोर्ड परीक्षा में औसत छात्र भी अच्छा स्कोर बना सकते हैं, लेकिन उन्हें कुछ सामान्य गलतियों से बचना चाहिए। आइए जानें ऐसी 5 गलतियों के बारे में जो छात्रों की मार्कशीट पर बहुत भारी पड़ती हैं।
बीएसईबी 2026 बोर्ड परीक्षा की तरीख
10वीं कक्षा की परीक्षा 17 से 25 फरवरी, 2026 तक दो शिफ्ट में आयोजित होगी, सुबह 9.30 बजे से 12.45 बजे तक और दोपहर 2 बजे से 5:15 बजे तक। वहीं, बिहार बोर्ड 12वीं की परीक्षा 2026, 2 से 13 फरवरी के बीच दो सेशन में होगी। पहली शिफ्ट सुबह 9.30 बजे से 12.45 बजे तक होगी, और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से 5.15 बजे तक होगी।
एनसीईआरटी और बीएसईबी टेक्स्टबुक को नजरअंदाज न करें
बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए अबर आप सिर्फ गाइडबुक पर निर्भर हैं, तो ये बहुत बड़ी गलति हो सकती है। बोर्ड परीक्षार्थियों को एनसीईआरटी और बीएसईबी की टेक्स्टबुक पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि ज्यादातर सवाल टेक्स्टबुक से ही आते हैं। इसलिए आधिकारिक टेक्स्टबुक से हर चैप्टर पढ़ें। गाइड का इस्तेमाल सिर्फ प्रैक्टिस के लिए करें।
पूरे सिलेबस को जाने बिना पढ़ाई करना एक बड़ी गलती है। छात्रों को बिहार बोर्ड का लेटेस्ट सिलेबस डाउनलोड करना चाहिए और ज्यादा वेटेज वाले चैप्टर पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। इसके लिए महत्वपूर्ण चैप्टर मार्क करने चाहिए।
साइंस, सोशल साइंस और कॉमर्स में कई छात्र जवाब रटने की कोशिश करते हैं। इसके बजाए उन्हें पहले कॉन्सेप्ट समझने पर ध्यान देना चाहिए, जवाबों में उदाहरण इस्तेमाल करें और डेफिनिशन और एक्सप्लेनेशन साफ-साफ लिखने पर नंबर अच्छे मिलते हैं।
पिछले साल के प्रश्न पत्रों को हल न करना
बोर्ड परीक्षा में अक्सर सवाल दोहराए जाते हैं और पैटर्न भी वैसा ही रहता है। लेकिन कई छात्र पुराने प्रश्न पत्र हल नहीं करते हैं। उन्हें कम से कम 5 से 10 साल के पिछले पेपर हल करने चाहिए। इससे उन्हें महत्वपूर्ण सवाल, जवाब लिखने के तरीके और टाइम मैनेजमेंट को समझने में मदद मिलती है।
कभी-कभी छात्रों को जवाब पता होते हैं लेकिन वे समय पर पेपर पूरा नहीं कर पाते। एक सवाल पर बहुत ज्यादा समय बिताना या तेज लिखने की प्रैक्टिस न होना इसका कारण हो सकता है। इसलिए, उन्हें टाइमर के साथ लिखने की प्रैक्टिस करनी चाहिए। उन्हें परीक्षा शुरू करने से पहले समय बांट लेना चाहिए।
कई बार बोर्ड परीक्षा में छात्र बहुत छोटे जवाब लिख देते हैं, जहां लंबे जवाबों की जरूरत होती है। उन्हें साफ और स्पष्ट जवाब लिखने चाहिए, हेडिंग, पॉइंट्स और स्टेप्स सही से समझाएं और महत्वपूर्ण शब्दों को अंडरलाइन करने चाहिए।