CBSE 10th 2nd Board 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षिक सत्र 2025-26 के 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए साल में दो बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की है। इस सत्र की पहली बोर्ड परीक्षा समाप्त हो चुकी है। इसके साथ ही बोर्ड ने दूसरी बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत बोर्ड ने सभी सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों से 10वीं कक्षा की दूसरी बोर्ड परीक्षा देने का विकल्प अपनाने वाले छात्रों की लिस्ट ऑफ कैंडिडेट (LOC) देने की मांग की थी। इसका पहला चरण 31 मार्च को समाप्त हो गया है। बोर्ड ने इसके तहत सिर्फ छात्रों की जानकारी मांगी थी, जिसके आधार पर दूसरी बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू की जा सके। इसके साथ बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों के लिए कुछ सख्त निर्देश एलओसी को लेकर जारी किए हैं, जो इस प्रकार हैं।
तीन चरणों की एलओसी प्रक्रिया
बोर्ड ने एलओसी जमा करने की प्रक्रिया को तीन चरणों में बांटा है। इसके पहले चरण में एलओसी की जानकारी भरी जाएगी। कोई फीस नहीं देनी होगी। इस चरण का मकसद यह अनुमान लगाना है कि दूसरे बोर्ड परीक्षा में कितने छात्रों के आने की संभावना है, ताकि सीबीएसई उसी हिसाब से तैयारी कर सके। दूसरे और तीसरे चरण में छात्र अपनी विषयों का चयन करेंगे। वे विषय चुन सकते हैं, बदल सकते हैं, छोड़ सकते हैं या जोड़ सकते हैं। एलओसी को फाइनल करने के लिए जरूरी परीक्षा फीस देनी होगी। यह पूरी प्रक्रिया उसी स्कूल के जरिए होगी जहां से छात्र मेन बोर्ड परीक्षा में बैठे थे।
एलओसी के साथ फीस लेने पर बोर्ड सख्त
बोर्ड ने अपने निर्देश में स्पष्ट किया है कि एलओसी जमा करने और परीक्षा फीस देने के बाद, अगर कोई छात्र दूसरे बोर्ड परीक्षा में नहीं बैठने का फैसला करता है, तो मेन परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर रिजल्ट घोषित किया जाएगा। बोर्ड ने यह भी कहा है कि कुछ स्कूल दूसरे बोर्ड एग्जाम के लिए एलओसी जमा करते समय छात्रों से तीन महीने की ट्यूशन फीस मांग रहे हैं, जो सीबीएसई के नियमों का उल्लंघन है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए। सीबीएसई ने स्कूलों को एलओसी जमा करने के संबंध में छात्रों से कोई भी अतिरिक्त या बिना इजाजत वाली फीस न लेने का निर्देश दिया है। इसने यह भी कहा है कि सिर्फ एलओसी सर्कुलर में बताई गई परीक्षा फीस ही ली जा सकती है। स्कूलों को निर्देश दिया जाता है कि वे सीबीएसई के नियमों का सख्ती से पालन करें। इन नियमों का उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा।
सीबीएसई बोर्ड ने शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्रों को लेकर भी सख्त निर्देश दिया है। बोर्ड ने कहा है कि शिक्षक परीक्षा की गोपनियता बनाए रखने के लिए इसे किसी के साथ साझा न करें। परीक्षा की प्रक्रिया पूरी होने तक इन्हें न तो कहीं साझा किया जाए, न किसी को दिखाएं और न अपने पास रखें। स्कूल क्वेश्चन पेपर अपनी लाइब्रेरी के लिए अपने पास न रखें। परीक्षा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें ऑनलाइन अपलोड कर दिया जाएगा। इसलिए अभी विषय विशेषज्ञों को समीक्षा के लिए पेपर न दें।