Get App

CBSE 3 Language Rule: सीबीएसई के 3 भाषा फॉर्मूला के ये नियम जरूर जानें, 10वीं के छात्रों को बोर्ड ने दी है ये बड़ी राहत

CBSE 3 Language Rule: सीबीएसई ने छठी कक्षा के बाद 9वीं और 10वीं कक्षा में तीन भाषा फॉर्मूला लागू करने की घोषणा की है। इस घोषण के बाद से छात्रों और अभिभावकों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इनमें से एक है कि क्या 10वीं बोर्ड में तीसरी भाषा का पेपर देना होगा? आइए जानें

MoneyControl Newsअपडेटेड May 18, 2026 पर 2:53 PM
CBSE 3 Language Rule: सीबीएसई के 3 भाषा फॉर्मूला के ये नियम जरूर जानें, 10वीं के छात्रों को बोर्ड ने दी है ये बड़ी राहत
सीबीएसई बोर्ड ने इस मामले में छात्रों को कई तरह की राहत देने की घोषणा की है।

CBSE 3 Language Rule: सीबीएसई बोर्ड ने 2026-27 से 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) के तहत बड़े बदलाव की घोषणा की है। बोर्ड ने इस दोनों कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों के लिए 01 जुलाई 2026 से तीन भाषा फॉर्मूला लागू किया है। सीबीएसई बोर्ड के नियमों के अनुसार, इन छात्रों के लिए अब तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा। इनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी जरूरी हैं। बोर्ड ने अंग्रेजी भाषा को तीसरी भाषा मानते हुए उसे भारतीय भाषाओं की श्रेणी से बाहर रखा है।

बोर्ड की यह घोषणा छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों और टीचरों के लिए भी चौंकाने वाला है, क्योंकि इससे पहले छठी कक्षा से तीन भाषा फॉर्मूला लागू करने की बात कही गई थी। लेकिन बोर्ड के इस अचानक फैसले से सभी के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे सबसे ज्यादा चिंता में 10वीं कक्षा के छात्र हैं, जो इस साल बोर्ड की परीक्षा देंगे। हालांकि, सीबीएसई बोर्ड ने इस मामले में छात्रों को कई तरह की राहत देने की घोषणा की है। आइए जानें इनके बारे में

तीसरी भाषा के लिए बोर्ड परीक्षा का तनाव न लें छात्र

बोर्ड ने इस बदलाव के साथ बहुत बड़ी राहत भी दी है। सीबीएसई बोर्ड के ताजा नियमों के अनुसार 10वीं कक्षा के छात्रों को तीसरी भाषा (R3) के लिए बोर्ड परीक्षा के तनाव से नहीं गुजरना होगा। इसका मूल्यांकन स्कूल के स्तर पर आंतरिक आधार पर होगा। लेकिन इससे इस विषय का मूल्य कम न समझें। बोर्ड ने तय किया है कि तीसरी भाषा में किए गए प्रदर्शन को फाइनल सर्टिफिकेट में दिखाया जाएगा।

छात्रों को बहुभाषी बनाना चाहता है सीबीएसई

सीबीएसई बोर्ड के नए सर्कुलर के अनुसार, अब 9वीं कक्षा से छात्रों को तीन भाषाएं चुननी होंगी। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को बहुभाषी (Multilingual) बनाना है। नियम के अनुसार, इन तीन में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। अगर कोई छात्र विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच, जर्मन आदि) पढ़ना चाहता है तो वह उसे ‘तीसरी भाषा’ के रूप में तभी चुन सकता है जब बाकी की दो भाषाएं भारतीय हों। इसके अलावा, विदेशी भाषा को ‘चौथी अतिरिक्त भाषा’ के रूप में भी लिया जा सकता है।

सीबीएसई का नया नियम : जरूरी नियम

सब समाचार

+ और भी पढ़ें