CBSE Class 9th-12th New Syllabus: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी यानी 9वीं से 12वी कक्षा के छात्रों की पढ़ाई की तौर-तरीकों में बड़े पैमाने पर बदलाव की तैयारी कर चुका है। इसके लिए बोर्ड आज दोपहर 3 बजे 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए नया पाठ्यक्रम जारी करेगा। सीबीएसई मुख्यालय में आज जारी होने वाला ये पाठ्यक्रम 2026-27 के नए सेशन से लागू होगा। इससे संबंधित सर्कुलर बोर्ड ने कल 01 अप्रैल को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जारी किया था।
इससे पहले बोर्ड 11वीं और 12वीं कक्षा के नए सत्र के लिए सिलेबस और पढ़ाई की डिटेल्ड स्कीम जारी कर चुका है। इन कक्षाओं के छात्र सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbseacademic.nic.in पर इसे देख सकते हैं। बोर्ड द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, 9वीं कक्षा में नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2023 (NCF-2023) की सिफारिशों को लागू किया जा रहा है, जिससे पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। छात्र सीबीएसई के एकेडमिक पोर्टल पर ‘Curriculum 2026-27’ सेक्शन से अपना सिलेबस डाउनलोड कर सकते हैं।
सीबीएसई बोर्ड 9वीं और 10वीं कक्षा का नया सिलेबस आज, 2 अप्रैल 2026 को जारी करेगा। बोर्ड 9वीं कक्षा में एनसीएफ-2023 के तहत ‘स्कीम ऑफ स्टडीज’ लागू कर रहा है। इसलिए नया पाठ्यक्रम जारी करने के लिए वेबिनार का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें छात्र, अभिभावक और शिक्षक भी हिस्सा ले सकते हैं।
नई सोच पर आधारित नया सिलेबस
सीबीएसई बोर्ड द्वारा जारी किया जा रहा नया पाठ्यक्रम पूरी तरह से नई सोच पर आधारित होगा। इसका मकसद छात्रों को रटने के बजाय समझने के लिए प्रेरित करना है। साथ ही, अब पढ़ाई कौशल पर आधारित होगी, यानी छात्रों की समझ और स्किल्स पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। यह सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। स्कूलों में एक्सपीरियेंशियल लर्निंग (Experiential Learning) को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे छात्र प्रैक्टिकल और एक्टिविटी के जरिए सीखेंगे। छात्रों को विषय के चुनाव में ज्यादा लचीलापन मिलेगा और पढ़ाई का उद्देश्य समग्र विकास (Holistic Development) होगा।
अभिभावकों और शिक्षकों के लिए जरूरी निर्देश
सीबीएसई की शैक्षिक निदेशक डॉ. प्रज्ञा एम. सिंह ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपने शिक्षकों को इन बदलावों के बारे में पूरी जानकारी दें। इसके अलावा स्कूलों को कहा गया है कि वे पेरेंट टीचर मीटिंग का विशेष सत्र आयोजित कर अभिभावकों और छात्रों को नए सिलेबस के बारे में अच्छे से समझाएं।