DU Coffee With VC Initiative: डीयू के वीसी ने छात्रों के साथ कॉफी पर की चर्चा, जानें क्या है यूनीवर्सिटी की ये अनोखी पहल?

DU Coffee With VC Initiative: दिल्ली यूनीवर्सिटी ने अपने छात्रों के साथ संवाद को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की है। इस पहल का नाम ‘कॉफी विद वीसी’ है। इसका मकसद छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत को बढ़ावा देना है। आइए डीयू की इस पहले के बारे में और जानें

अपडेटेड Mar 18, 2026 पर 12:31 PM
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छात्रों के साथ बातचीत को बढ़ावा देने के मकसद से डीयू ने कॉफी विद वाइस-चांसलर पहल शुरू की है।

DU Coffee With VC Initiative: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के सभी छात्रों के लिए ये एक जरूरी और अहम अपडेट हो सकता है। छात्रों के साथ बातचीत को बढ़ावा देने के मकसद से डीयू ने एक नई पहल शुरू की है। इसका नाम है ‘कॉफी विद वाइस-चांसलर’। यह एक स्टूडेंट एंगेजमेंट इनिशिएटिव है, जिसमें छात्र सीधे डीयू के कुलपति के साथ संवाद कर सकेंगे।

कॉफी विद डीयू वीसी का पहला सत्र सोमवार शाम को आयोजित किया गया। इसमें वाइस-चांसलर योगेश सिंह ने मिरांडा हाउस के 10 छात्रों से बातचीत की। डीयू के अधिकारियों ने बताया कि "कॉफी विद वाइस-चांसलर" प्रोग्राम वीसी के ऑफिस में आयोजित किया गया था, और आने वाले दिनों में इसके और भी कई सत्र होने की उम्मीद है। इस सत्र की संचालक साउथ कैंपस की डायरेक्टर रानी अब्बी ने कहा कि इस पहल का मकसद छात्रों को सीधे वीसी से बातचीत करने और उनके सामने अपने विचार और चिंताएं खुलकर बताने का मौका देना है।

वीसी ने उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई टेक्नोलॉजी को सश्क्तिकरण के अहम जरिए के तौर पर अपनाने के लिए बढ़ावा दिया। साथ ही शिक्षा और देश के विकास के लिए अपना बड़ा नजरिया भी शेयर किया। एक छात्र के एआई पर किए गए सवाल का जवाब देते हुए, वीसी सिंह ने सलाह दी कि एआई को स्वामी के बजाय सहायक बनाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि नई टेक्नोलॉजी के आने से अक्सर चिंता होती है, लेकिन उनकी अहमियत को पहचानना और एआई जैसी नई क्रांतियों का पूरा फायदा उठाना जरूरी है।

वीसी ने भारत की यूपीआई जैसे तकनीकी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में देश में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी चीजें हासिल करने की बहुत ज्यादा क्षमता है। वीसी ने वैल्यू एडिशन कोर्स (VACs) और स्किल एनहांसमेंट कोर्स (SECs) पर कहा कि शिक्षा का मुख्य मकसद जिम्मेदार और हर तरह से बेहतर इंसान बनाना है। छात्रों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर एक और सवाल का जवाब देते हुए, सिंह ने कहा कि 21वीं सदी कई चुनौतियां और मौके पेश करती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत ने साल 2047 तक खुद को एक विकसित देश बनाने का संकल्प लिया है। इसे हासिल करने के लिए तेज दिमाग वाले लोगों की जरूरत है। हमें होशियार बेटियों की जरूरत है। कुलपति ने छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की अहमियत पर भी जोर दिया और कहा कि पूरे कैंपस में CCTV कैमरे लगाने का इंतजाम किया जा रहा है।

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