संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में इस बार भी बिहार-झारखंड के अधिकारियों के संगठन NACS (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सिविल सर्वेंट्स) ने अपनी सफलता का परचम लहराया है। संगठन से मार्गदर्शन प्राप्त 23 से अधिक अभ्यर्थी इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफल हुए हैं। इनमें रैंक 4 राघव झुनझुनावाला और रैंक 11 यशस्वी राज वर्धन जैसे नाम शामिल हैं, जिन्होंने अपनी उपलब्धियों से संगठन का गौरव बढ़ाया है।
NACS हर साल की तरह इस बार भी अभ्यर्थियों के लिए इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम (IGP) आयोजित करता है। इस कार्यक्रम में IAS, IPS, IRS, IRTS जैसे अनुभवी अधिकारी अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी कराते हैं। यह कार्यक्रम दिल्ली स्थित बिहार निवास, पटना और ऑनलाइन माध्यम से संचालित हुआ। इसमें अभ्यर्थियों को तनावमुक्त वातावरण में वैज्ञानिक तरीके से गाइड किया गया। व्हाट्सएप्प ग्रुप के जरिए अधिकारी सीधे अभ्यर्थियों से जुड़े रहते हैं, जिससे उम्मीदवार कभी भी अपने सवाल पूछ सकते हैं। हॉबी, राज्य, जिला, करेंट अफेयर और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अधिकारी विस्तृत चर्चा करते हैं।
NACS की स्थापना वर्ष 2014 में महज 8 अधिकारियों द्वारा की गई थी। इसे IAS अधिकारी श्री बी.के. प्रसाद के मार्गदर्शन में शुरू किया गया था। उद्देश्य था कि बिहार-झारखंड के युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में निःशुल्क मार्गदर्शन दिया जाए। आज इस संगठन से 1500 से अधिक अधिकारी जुड़ चुके हैं। संगठन "मार्गदर्शन" नाम से नियमित क्लासेज और "IGP" नाम से इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम संचालित करता है। सभी कार्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क होते हैं।
NACS के प्रेसिडेंट श्री बी.के. प्रसाद ने कहा "हमारा छोटा सा प्रयास था कि हम सभी अधिकारी एक मंच पर आकर अपने राज्य और समाज की बेहतरी के लिए सोचें। आज गर्व है कि पिछले 8-10 सालों से UPSC सहित BPSC और JPSC परीक्षाओं के टॉपर हमारे संस्थान से आते हैं। हमारा मकसद है कि बिहार-झारखंड से सिविल सेवा में चयन की संख्या बढ़े और युवाओं को सही दिशा मिले।"
NACS की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि अनुभवी अधिकारी मिलकर युवाओं को मार्गदर्शन दें तो परिणाम असाधारण हो सकते हैं। बिहार-झारखंड के युवाओं के लिए यह संगठन न केवल उम्मीद की किरण है बल्कि सिविल सेवा में सफलता का मजबूत आधार भी बन चुका है।