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NEET UG 2026 Re-exam Controversy: फिर अंगड़ाई ले रहा है पेपर लीक का जिन्‍न, एनटीए के पास लगा शिकायकों का अंबार

NEET UG 2026 Re-exam Controversy: नीट री-एग्‍जाम 21 जून को होगा। इससे पहले ही एनटीए के पास पेपर लीक की शिकायतों का अंबार लगना शुरू हो गया। एजेंसी को आए दिन सोशल मीडिया पर आगामी परीक्षा के पेपर ब‍िकने की सूचनाएं मिल रही हैं। आइए जानें

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 04, 2026 पर 12:59 PM
NEET UG 2026 Re-exam Controversy: फिर अंगड़ाई ले रहा है पेपर लीक का जिन्‍न, एनटीए के पास लगा शिकायकों का अंबार
एनटीए ने ये परीक्षा दोबारा कराने के लिए 21 जून, 2026 की तारीख तय की है।

NEET UG 2026 Re-exam Controversy: नेशनल एलिजिब‍िलिटी कम एंट्रेंस टेस्‍ट (NEET) स्‍नातक (UG) 2026 की पुन: परीक्षा की तैयारियों में लगी नेशनल टेस्‍ट‍िंग एजेंसी (NTA) के सामने पेपर लीक का जिन्‍न फ‍िर से सिर उठाने लगा है। एजेंसी को सोशल मीडिया पर आगामी परीक्षा के पेपर बिकने की सूचनाएं आए दिन मिल रही हैं। बता दें, 03 मई को हुई नीट यूजी 2026 को पेपर लीक का खुलासा होने के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद, एनटीए ने ये परीक्षा दोबारा कराने के लिए 21 जून, 2026 की तारीख तय की है।

इस परीक्षा से पहले ही राष्‍ट्रीय परीक्षा एजेंसी को सोशल मीडिया पर पेपर लीक, पेपर की खरीद-फरोख्‍त की सूचनाएं मिल रही हैं। इनमें से एक मामला प्रिंस श्रीवास्‍तव नाम के यूजर का है, जिसे एजेंसी ने जवाब भी दिया है। इस यूजर ने अपने एक्‍स हैंडल पर नीट यूजी री-एग्जाम का प्रश्न पत्र लीक के बारे में शिकायत की है। यूजर ने टेलीग्राम पेज के स्‍क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं और एनटीए को टैग करते हुए लिखा था, 'मेरे पास कुछ टेलीग्राम पेज हैं, जिन्हें एक ही व्यक्ति मैनेज करता है। वे री नीट 2026 के प्रश्न पत्रों के लिंक बेच रहे हैं। कृपया इस पर उचित कार्रवाई करें।' यूजर ने पोस्ट में तीन टेलीग्राम लिंक भी शेयर किए हैं।

टेलिग्राम चैनरल पर 21 जून का पेपर 20 लाख में देने का दावा

नीट यूजी रीएग्जाम 21 जून को होगा। इससे पहले टेलिग्राम सहित विभिन्‍न सोशल मीडिया चैनलों पर परीक्षा में आने वाले पेपर दिलाने के साथ-साथ 700 में से 620 अंक दिलाने के दावे किए जा रहे हैं। इसके बदले में छात्रों से 20 लाख रुपये तक की मांग की जा रही है। कथित रैकेट कई टेलिग्राम चैनल्स के जरिए चल रहे हैं, जो बार-बार अपना नाम बदलते हैं और सदस्यों को सिर्फ रेफरल के जरिए जोड़ा जा रहा है।

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