Odisha Reservation Policy 2026: ओडिशा सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए आरक्षण बढ़ाने के साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (SEBC) के लिए मेडिकल और टेक्निकल कोर्स में नया आरक्षण लागू किया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। नए आदेश के मुताबिक, आरक्षण का यह नियम राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े उन संस्थानों पर लागू होगा जो प्रोफेशनल कोर्स कराते हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया, "एसटी छात्रों का आरक्षण 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 22.5 फीसदी और एससी का आठ प्रतिशत से बढ़ाकर 16.25 फीसदी किया गया है। जबकि ओबीसी (ओडिशा में SEBC कहा जाता है) के लिए 11.25 प्रतिशत आरक्षण पहली बार लागू किया गया है।" सरकार ने कहा कि SEBC छात्रों के लिए नया शुरू किया गया 11.25% कोटा पूरे राज्य के टेक्निकल और मेडिकल कोर्ट वाले संस्थानों में लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह नई व्यवस्था विश्वविद्यालयों, संबंधित कॉलेजों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग, मेडिसिन, सर्जरी, टेक्नोलॉजी, मेडिकल, नर्सिंग, फार्मेसी, मैनेजमेंट, कंप्यूटर एप्लीकेशन, कृषि, मैनेजमेंट और अन्य प्रोफेशनल कोर्स में लागू होगी। इस कदम का मकसद ओडिशा की आरक्षण नीति को राष्ट्रीय स्तर की नीतियों के करीब लाना है।
2015-16 के शैक्षणिक सत्र से IIT, NIT, IIM और IIIT जैसे केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों ने अल्पसंख्यक संस्थानों को छोड़कर अन्य पिछड़े वर्गों (OBC) के लिए 27% आरक्षण लागू किया है। माझी ने कहा कि राज्य में एसटी आबादी 22 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद उन्हें केवल 12 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा था।
इसे अब उनकी जनसंख्या के अनुपात में बढ़ाया गया है। इससे मेडिकल सीट में एसटी छात्रों की संख्या 290 से बढ़कर 545 और एससी छात्रों की संख्या 193 से बढ़कर 393 हो जाएगी। इंजीनियरिंग की सीट में भी एसटी, एससी और एसईबीसी के लिए सीट बढ़ाई गई है।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक नई 'मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना' शुरू करेगा। इसके तहत लाभार्थियों को हर महीने पांच किलोग्राम अतिरिक्त चावल मुफ्त में प्रदान किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों के 14 अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।
किसके लिए कितने सीट आरक्षित?
ओडिशा में 2,421 अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटों में से नई व्यवस्था के तहत 545 सीटें ST छात्रों के लिए, 393 सीटें SC छात्रों के लिए और 272 सीटें SEBC छात्रों के लिए आरक्षित होंगी। इसी तरह, कुल 44,579 इंजीनियरिंग सीटों में से 10,030 सीटें ST छात्रों के लिए, 7,244 सीटें SC छात्रों के लिए और 5,015 सीटें SEBC छात्रों के लिए तय की जाएंगी।
कैबिनेट का यह फैसला पिछड़े वर्ग के समूहों की बढ़ती मांगों के बीच आया है। ये समूह मांग कर रहे थे कि प्रोफेशनल एजुकेशन में SEBC छात्रों को भी आरक्षण का लाभ दिया जाए, क्योंकि सामान्य उच्च शिक्षा में दाखिले की तुलना में यहां उन्हें कोटे का लाभ बहुत कम मिल पाता था।
ओडिशा में मेडिकल और टेक्निकल कोर्स में SEBC के लिए कोई अलग से कोटा न होने की बात को छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने बार-बार उठाया था। सरकारी सूत्रों ने बताया कि आरक्षण की यह नई नीति आने वाले शैक्षणिक सत्र के दाखिलों से लागू होने की उम्मीद है। हालांकि इसके डिटेल्स गाइडलाइंस संबंधित विभागों द्वारा अलग से जारी किए जाने की संभावना है।