UP Board Exams 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य के सभी 18 मंडल और 75 जिलों में हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की अंतिम परीक्षाएं चल रही हैं। परिषद ने नकल और अनियमितता रोकने के लिए काफी सख्त इंतजाम किए हैं। कई स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद बोर्ड परीक्षाओं में नकल का सिलसिला थम नहीं रहा है। आए दिन परीक्षा में नकल करने वाले और सॉल्वर अलग-अलग केंद्रों पर पकड़े जा रहे हैं। कुछ घटनाओं में तो नकल कराने के मामले में प्रिंसिपल और टीचर भी लिप्त पाए गए हैं। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन जिलों में प्रयागराज, गाजीपुर, आजमगढ़ और जौनपुर का नाम प्रमुख है।
नकल कराने के लिए प्रिंसिपल ने ली थी 40,000 की खूस
यूपी बोर्ड की परीक्षा में छात्रों को नकल कराने के लिए गाजीपुर के करूवी बहलोलपुर स्थित भगेलू दास इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल विंध्याचल यादव को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उन्होंने नकल कराने के लिए 40 हजार रुपये लिए थे। यहां 12वीं कक्षा के छात्र शुभम यादव की जगह शिवम यादव नाम का युवक परीक्षा दे रहा था। उसे एसटीएफ, वाराणसी यूनिट ने मौके पर गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो मोबाइल फोन, हाईस्कूल इंग्लिश का प्रश्न पत्र, उत्तर पुस्तिका, ओएमआर शीट और अन्य कागजात बरामद हुए।
आजमगढ़-जौनपुर में पकड़े गए सॉल्वर
आजमगढ़ के उद्योग विद्यालय इंटर कॉलेज, कोयलसा में भी हाईस्कूल इंग्लिश की परीक्षा के दौरान सॉल्वर पकड़ा गया। यहां आशीष कुमार की जगह पंकज नाम का युवक परीक्षा दे रहा था। वहीं, जौनपुर के नरेंद्र बहादुर सिंह इंटर कॉलेज, घघरिया में इंटरमीडिएट बायोलॉजी की परीक्षा के दौरान मनीष यादव की जगह साहस यादव परीक्षा देते पकड़ा गया। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
प्रयागराज में हुए नकल के एक अन्य मामले में मदारी मऊआइमा स्थित कड़ेदीन सिंह स्मारक इंटर कॉलेज में दूसरी शिफ्ट में इंटर मैथ और बायोलॉजी की परीक्षा चल रही थी। औचक निरीक्षण के दौरान कक्ष निरीक्षक वेद व्यास मिश्र नकल करवाते पाए गए। उनके पास से 7 पन्नों का सॉल्व पेपर मिला। आरोप है कि वे प्रश्नों के उत्तर लिखकर परीक्षार्थियों को बोलकर लिखवा रहे थे। इस मामले में वेद व्यास मिश्र और केंद्र व्यवस्थापक बृजराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
बख्शे नहीं जाएंगे नकल के दोषी
इन मामलों में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।