UP Board Exam 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) के शैक्षिक सत्र 2025-26 की हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की बोर्ड परीक्षाएं पूरे राज्य के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही हैं। पूरे राज्य के सभी 75 जिलों से पंजीकृत 50 लाख से अधिक छात्र इन परीक्षाओं में हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के लिए सख्त रुख अपना रहा है। बोर्ड ने शुचितापूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न कराने के लिए एक बहुत बड़ा और सख्त फैसला लिया है। बोर्ड ने परीक्षा कार्य में लापरवाही बरतने या बिना किसी ठोस कारण के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को चेतावनी दी है।
बोर्ड ने साफ तौर पर कहा है कि परीक्षा ड्यूटी से बिना ठोस कारण गायब रहने वाले शिक्षकों या लापरवाह कर्मचारियों को अब कोई चेतावनी नहीं दी जाएगी। ये उनके लिए अंतिम चेतावनी है। ऐसे सभी स्टाफ के खिलाफ अब सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने ऐसे सभी शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई का फैसला किया है।
हो सकता है निलंबन या वेतन कटौती
राज्य के सबसे बड़े शैक्षिक आयोजनों में से एक यूपी बोर्ड की परीक्षा में लाखों छात्र शामिल होते हैं। परीक्षा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य के हजारों शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है। लेकिन हाल के दिनों में यह देखा गया है कि कुछ शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहे हैं और परीक्षा के दौरान ड्यूटी से गायब हो रहे हैं। बोर्ड ने ऐसे शिक्षकों के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए यह साफ कर दिया है कि ड्यूटी में कोताही बरतने वाले शिक्षकों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।