UP Board Exam 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने शैक्षिक सत्र 2025-26 में हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की बोर्ड परीक्षा को नकल मुक्त और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए कई सख्त नियम लागू किए हैं। यूपी बोर्ड की इस समय प्री बोर्ड परीक्षा चल रही है। 10वीं और 12वीं कक्षा की फाइनल बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होगी। वहीं, 12वीं कक्षा की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 24 जनवरी से दो चरणों में कराई जाएंगी। इस साल की बोर्ड परीक्षा को विश्वसनीय बनाने के लिए बोर्ड ने सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा कराने और परीक्षकों के लिए आईडी कार्ड जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा छात्रों और बोर्ड की कॉपियों के संबंध में भी कई निर्देश दिए हैं।
बोर्ड परीक्षा में नहीं उतारने होंगे जूते-मोजे
अब परीक्षार्थियों को जूते-मोजे उतारने की आवश्यकता नहीं होगी। अब परीक्षार्थी जूते और मोजे पहनकर परीक्षा दे सकेंगे। नकल रोकने के लिए पहले परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पूर्व ही सघन तलाशी ली जाएगी। इस नए नियम से परीक्षार्थियों को होने वाली असुविधा दूर होगी। परीक्षा के समय में उनकी कोई तलाशी नहीं होगी। यूपी बोर्ड परीक्षा में पिछले कई साल से 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों के जूते-मोजे परीक्षा कक्ष के बाहर ही उतरवा लिए जाते थे।
बोर्ड की आंसरशीट के हर पेज पर रोल नंबर
बोर्ड परीक्षा देने वाले 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को अपनी आंसर शीट के हर पेज पर रोल नंबर लिखना होगा। यह कदम नकल माफिया द्वारा उत्तर पुस्तिका बदलने से रोकने और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। साथ ही आंसर शीट का नंबर उपस्थिति पत्रक पर लिखना करना होगा। इसकी जिम्मेदारी कक्ष निरीक्षक की होगा। इसमें लपारवाही के लिए कक्ष निरीक्षक जिम्मेदार होंगे। उत्तर पुस्तिकाओं पर क्रमांक अंकित होने से यह पता रहेगा कि किस परीक्षार्थी को किस नंबर की आंसर शीट मिली है। इससे नकल माफिया किसी भी परीक्षार्थी की उत्तर पुस्तिका नहीं बदल सकेंगे। उपस्थिति पत्रक उत्तर पुस्तिकाओं के साथ जाएगा।
बोर्ड ने 24 जनवरी से 9 फरवरी तक होने वाली इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल परीक्षाओं के बारे में नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। पहली बार, परीक्षकों को प्रैक्टिकल परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को एक साल की अवधि के लिए सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है। ये निर्देश बोर्ड सचिव भगवती सिंह द्वारा काफी पहले 31 दिसंबर को जारी कर दिए गए थे। ये निर्देश अब सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को मिल गए हैं। इसके मुताबिक परीक्षक कॉपियों को अपने पास रखें और जरूरत पड़ने पर उन्हें पेश करें। पहले, प्रैक्टिकल परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित रखने की कोई निश्चित समय सीमा नहीं थी।