UP Board Exam 2026: उत्तर प्रदेश में हाईस्कूल और इंटरमीडएट कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं अब कुछ ही दिनों में खत्म होने वाली हैं। इसके साथ ही राज्य के उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने बोर्ड परीक्षाओं के कॉपियों के मूल्यांकन की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। परिषद ने इस साल मुख्य परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन में डिजिटल प्रणाली लागू करने की तैयारी की है। अब परीक्षकों द्वारा दिए गए अंक सीधे बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल पर फीड किए जाएंगे। इस नई व्यवस्था से परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और गलतियों की आशंका भी कम होगी।
बोर्ड की ये व्यवस्था साल 2025-26 के शैक्षिक वर्ष से लागू करेगा। लेकिन इस साल परीक्षा देने वाले सभी 10वीं और 12वीं कक्षा की थ्योरी परीक्षा की कॉपियों के नंबर ऑनलाइन पोर्टल पर फीड नहीं किए जाएंगे। बोर्ड इस पहल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पांच जिलों में लागू करेगा। इसके लिए परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर विशेष तकनीकी व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे पहले इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाओं में अंक ऑनलाइन अपलोड करने का प्रयोग सफल रहा था। थ्योरी कॉपियों के अंकों को ऑनलाइन अपलोड करने का यह पायलट प्रोजेक्ट अगर सफल रहता है तो वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षा में सभी जिलों के मूल्यांकन केंद्रों पर इसे लागू कर दिया जाएगा।
पोर्टल पर अंक देने से 15 दिनों घोषित होगा रिजल्ट
परिषद का मानना है कि पोर्टल पर सीधे अंक प्रदान किए जाने पर कम से कम 15 दिन पहले परिणाम घोषित किया जा सकेगा। हालांकि, पहले की तरह अवॉर्ड ब्लैंक पर भी परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान दिए गए अंक दिए जाएंगे।
अवार्ड ब्लैंक पर अंक देने की प्रक्रिया से परीक्षाफल देने में अधिक समय लगता है, क्योंकि बोर्ड परीक्षा की कॉपियों की जांच के बाद मिली कमियों को पहचान कर उसे वापस एजेंसी को भेजा जाता है। वहां उसे अपडेट कर परीक्षाफल तैयार किया जाता है। पोर्टल पर सीधे अंक दिए जाने की व्यवस्था हो जाने पर अवार्ड ब्लैंक भेजने और परीक्षण कराए जाने की प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। इस तरह अंक फीडिंग की आनलाइन प्रणाली से त्रुटियों पर अंकुश लगेगा और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया अधिक तेज व सुरक्षित होगी।
वर्तमान व्यवस्था में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर परीक्षक एवार्ड ब्लैंक पर अंक भरते हैं। उसे क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम में परीक्षा परिणाम तैयार करने वाली एजेंसी/फर्म को भेजा जाता है। वह एजेंसी एवार्ड ब्लैंक में अंकित अंकों को आनलाइन फीड कराती है। उसके बाद उसे परीक्षण के लिए यूपी बोर्ड के पांचों क्षेत्रीय कार्यालय को भेजा जाता है।