UP Board Exams 2026: यूपी बोर्ड परीक्षा में छात्रों को सुरक्षित, नकल मुक्त और सम्मानित तरीके से परीक्षा देने का माहौल बनाने के लिए कई तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होने वाली हैं। दोनों कक्षाओं में लाखों छात्र इस साल परीक्षा देने के लिए उतरेंगे। परिषद परीक्षा के लिए काफी पहले से तैयारी कर रहा है। कई स्तरों पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। इस बार परीक्षा में मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध के लिए यूपी बोर्ड पहली बाद जैमर का इस्तेमाल करने जा रहा है।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 20 परीक्षा केंद्रों पर जैमर
हालांकि ये जैमर राज्य में बनाए गए सभी 8033 परीक्षा केंद्रों पर नहीं लगाए जाएंगे। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप इन्हें पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 20 परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाने का फैसला किया गया है। हालांकि, जैमर जिन परीक्षा केंद्रों में लगाए जाएंगे, उसकी जानकारी परिषद ने गोपनीय रखी है। परिषद का मानना है कि इससे प्रश्नपत्र या अन्य परीक्षा सामग्री व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के जरिए परीक्षा केंद्र के बाहर नहीं भेजी जा सकेगी। बोर्ड का ये प्रयोग अगर सफल रहा, तो आगामी परीक्षा से जैमर का उपयोग अन्य केंद्रों पर भी किया जाएगा।
अप्रैल के अंत में आ सकते हैं नतीजे
इन प्रतिष्ठि परीक्षाओं में हो चुका है जैमर का प्रयोग
संघ लोक सेवा आयोग अपनी सिविल सेवा परीक्षा समेत सभी परीक्षाओं में केंद्रों पर जैमर लगवाता है। कर्मचारी चयन आयोग भी अपनी सभी कंप्यूटर आधारित परीक्षा में जैमर लगवाता है।
इतने सख्त माहौल में कराई जा रहीं बोर्ड परीक्षाएं
बोर्ड ने राज्य में नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए कई तरह के प्रयास किए हैं जिसमें 2025 से प्रश्नपत्रों में केंद्रवार कोडिंग की व्यवस्था की जाती है। वहीं, 2023 से पेपर चार लेयर में पैक किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, 2024 से प्रश्नपत्रों की 24 घंटे सातों दिन निगरानी के लिए मुख्यालय सहित पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं। 2023 से सभी जिलों में छात्रों को परीक्षा के लिए सिली हुई आंसरशीट दी जाती है।