Birbhum clash: अधिकारियों ने गुरुवार (2 अप्रैल) को बताया कि पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में उपद्रवियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर पथराव में एक पुलिस अधिकारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। कुखुदिही गांव में उपद्रवियों द्वारा पुलिस टीम पर पत्थर और ईंटें फेंकने की घटना में सूरी पुलिस थाने के ऑफिसर-इन-चार्ज (OC) शैलेंद्र उपाध्याय समेत कई लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक कब्रिस्तान के पास निर्माण कार्य में लगी एक अर्थमूवर मशीन ने गलती से मिट्टी से ढकी एक कब्र को खोद दिया, जिससे तनाव पैदा हो गया।
अधिकारी ने बताया कि इसके बाद स्थानीय लोगों के एक समूह ने अर्थमूवर मशीन के चालक को घेर लिया। इससे एक ही समुदाय के दो समूहों के बीच झड़प हुई। इसके बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत करने तथा चालक को छुड़ाने का प्रयास किया। हालांकि, भीड़ ने पुलिस दल पर पत्थर और ईंटें फेंकीं, जिससे प्रभारी अधिकारी (ओसी) समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
एसपी सूर्य प्रताप यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी बाद में अतिरिक्त बलों के साथ स्थिति को कंट्रोल में करने के लिए गांव पहुंचे। एसपी ने कहा, "अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। छापेमारी जारी है और सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "झड़प में शामिल दोनों समूह एक ही समुदाय से हैं।" पुलिस ने बताया कि इलाके में स्थिति अब नियंत्रण में है। हालांकि एहतियात के तौर पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। बंगाल पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
SIR अधिकारियों को बनाया बंधक
इससे एक दिन पहले बुधवार (1 अप्रैल) को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में शामिल सात न्यायिक अधिकारियों का कई घंटों तक घेराव किया। हालांकि, बाद में उन्हें बचा लिया गया। तीन महिलाओं समेत सात अधिकारियों को 9 घंटे से ज्यादा समय तक बंधक बनाकर रखा गया। सुरक्षा बलों ने बुधवार देर रात भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया। फिर तीन महिलाओं सहित न्यायिक अधिकारियों को बचाया।
एसआईआर की प्रक्रिया में मतदाताओं के नामों को बड़े पैमाने पर हटाए जाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को नेशनल हाईवे 12 (कोलकाता-सिलीगुड़ी) को भी बाधित कर दिया। न्यायिक अधिकारियों में तीन महिलाएं भी शामिल थीं जो कालियाचक-2 ब्लॉक विकास कार्यालय में मौजूद थीं। उन्हें प्रदर्शनकारियों ने बुधवार शाम करीब चार बजे घेर लिया था।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों की एक बड़ी टुकड़ी ने आधी रात के बाद उन्हें बचाया। अधिकारी ने बताया कि न्यायिक अधिकारियों को बीडीओ कार्यालय से बाहर लाया गया। जबकि प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बांस के खंभे लगाकर उनके वाहनों को रोकने की कोशिश की और कारों में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया।
एक अधिकारी ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां चलाई। यह भी आरोप लगाया गया कि हंगामे के दौरान वाहनों की चपेट में आने से कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा और मतगणना चार मई को होगी।