Delhi Assembly Elections 2025: यमुना के पानी की गुणवत्ता को लेकर जारी वाकयुद्ध के बीच दिल्ली जल बोर्ड की सीईओ शिल्पा शिंदे ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के इस दावे का खंडन किया है कि हरियाणा सरकार ने नदी में 'जहर' मिलाई है। शिल्पा शिंदे ने दिल्ली के मुख्य सचिव धर्मेंद्र को लिखे पत्र में आरोपों को 'तथ्यात्मक रूप से गलत, बिना आधार के और भ्रामक' बताते हुए इस दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के दावे अंतरराज्यीय संबंधों और जनता के विश्वास को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
केजरीवाल ने सोमवार को आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP)'गंदी राजनीति' करके दिल्ली के लोगों को प्यासा रखने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "हरियाणा में बीजेपी के लोग पानी में जहर मिला रहे हैं और इसे दिल्ली भेज रहे हैं। अगर दिल्ली के लोग यह पानी पीएंगे तो कई लोग मर जाएंगे। क्या इससे ज्यादा घिनौना कुछ हो सकता है?"
वह दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के इस आरोप के बार टिप्पणी कर रहे थे कि हरियाणा सरकार "जानबूझकर" औद्योगिक अपशिष्ट को यमुना में बहा रही है, जहां से राष्ट्रीय राजधानी अपना पानी लेती है। शिंदे के पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की निगरानी करता है और आवश्यकतानुसार अपने उपचार प्रक्रियाओं को अनुकूलित करता है।
बीजेपी करेगी मानहानी का मुकदमा
हरियाणा सरकार अरविंद केजरीवाल पर उनके इस आरोप के लिए मुकदमा दायर करेगी कि राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) यमुना के पानी में "जहर" मिला रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी निर्वाचन आयोग का भी दरवाजा खटखटाएगी
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने पीटीआई से कहा, "हरियाणा सरकार निश्चित रूप से केजरीवाल को अदालत में ले जाएगी। हम मंगलवार को उनके और उनकी पार्टी के खिलाफ निर्वाचन आयोग का दरवाजा भी खटखटाएंगे।"
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केजरीवाल की आलोचना करते हुए कहा कि निराधार आरोप लगाना और दूसरों पर दोष मढ़ना उनकी आदत है। वहीं, निर्वाचन आयोग ने सोमवार को हरियाणा से जलापूर्ति में अमोनिया के स्तर के बारे में आतिशी द्वारा लगाए गए आरोपों पर हरियाणा से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी।
दिल्ली और पंजाब के मुख्यमंत्रियों ने पानी में अमोनिया के स्तर को लेकर सोमवार को निर्वाचन आयोग (EC) से गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा से राष्ट्रीय राजधानी में आपूर्ति किए जाने वाले पानी में अमोनिया का स्तर अधिक होने के कारण विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान पानी की आपूर्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
सूत्रों ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने हरियाणा सरकार को मंगलवार दोपहर तक इस मामले पर तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। बता दें कि दिल्ली की सभी 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा। जबकि मतों की गिनती तीन दिन बाद आठ फरवरी को होगी।