दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने मंगलवार को विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया और अपने पास 76.93 लाख रुपए की कुल संपत्ति होने की घोषणा की। उनके नाम पर कोई कार या मकान नहीं है। वह दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री हैं और मुख्यंत्री पद से अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद पिछले सात सितंबर में उनकी जगह ली थी। हलफनामे से यह भी पता चला है कि आतिशी के पास कोई अचल संपत्ति नहीं है।
चुनाव आयोग को आतिशी की ओर से सौंपे गए हलफनामे के अनुसार, उनकी चल संपत्ति में 30,000 रुपए नकद, एक लाख रुपए के सोने के आभूषण और बैंक खातों में जमा 75 लाख रुपए की सावधि जमा और बचत शामिल है।
आतिशी की संपत्ति 17.14 लाख रुपए बढ़ी
साल 2020 के पिछले विधानसभा चुनाव के बाद से आतिशी की वित्तीय संपत्ति में 17.14 लाख रुपए की बढ़ोतरी हुई है। तब उन्होंने 59.79 लाख रुपए की कुल संपत्ति घोषित की थी। तब भी, उनके पास कोई कार, घर या अन्य अचल संपत्ति नहीं थी।
वित्त वर्ष 2023-24 में उनकी आय 9,62,860 रुपए रही, जो 2022-23 में 4,72,680 रुपए थी।
नामांकन दाखिल करने के बाद आतिशी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का आभार जताया।
उन्होंने कहा, ‘‘मकर संक्रांति के अवसर पर मैंने अपना नामांकन दाखिल किया है। मुझे उम्मीद है कि जैसे मुझे कालकाजी की जनता से पहले भी प्यार मिला है, वैसे ही आगे भी मिलता रहेगा।’’
कितनी पढ़ी लिखी हैं आतिशी?
मुख्यमंत्री की सर्वोच्च शैक्षणिक योग्यता विज्ञान स्नातकोत्तर की डिग्री है, जो उन्होंने 2006 में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से हासिल की थी।
हलफनामे से आतिशी के उपनाम को लेकर संदेह भी दूर हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी ने अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट से अपना सरनेम ‘मार्लेना’ हटा दिया है, लेकिन हलफनामे के अनुसार उनका नाम अब भी आतिशी मार्लेना है।
इस चुनाव में उन्हें दक्षिण दिल्ली की हाई-प्रोफाइल कालकाजी सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रमेश बिधूड़ी और कांग्रेस की अलका लांबा से कड़ी टक्कर मिलेगी।
साल 2020 के पिछले चुनाव में आतिशी ने भाजपा के धरमबीर को हराकर 11,000 से अधिक मतों के अंतर से यह सीट जीती थी।
आतिशी को पहले 13 जनवरी को रोड शो के बाद नामांकन दाखिल करना था, लेकिन कार्यक्रम के कारण देरी होने की वजह से वह तीन बजे की समयसीमा से चूक गईं। लेकिन आज उन्होंने सफलतापूर्वक अपना नामांकन दाखिल कर दिया।