दिल्ली में चुनाव से एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज किया गया है। ये केस उनके उस बयान को लेकर दायर हुआ, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि हरियाणा यमुना के पानी को जहरीला बना रहा है। हरियाणा में दायर इस मामले में आम आदमी पार्टी प्रमुख पर भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
इन आरोपों में दंगा भड़काना, नफरत को बढ़ावा देना, नुकसान पहुंचाने के इरादे से किसी पर अपराध का झूठा आरोप लगाना और नागरिकों की धार्मिक भावनाओं का अपमान करने वाले जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य करना शामिल है।
चुनाव आयोग से मिले अरविंद केजरीवाल और आतिशी
ये मामला ऐसे समय दर्ज किया गया है, जब कुछ देर पहले ही आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के साथ मंगलवार को चुनाव आयोग (EC) से मुलाकात की और विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय राजधानी में कथित तौर पर डराने-धमकाने की रणनीति के इस्तेमाल पर चिंता जताई।
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने पार्टी नेता राघव चड्ढा के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और दिल्ली पुलिस पर मतदाताओं के बीच भय का माहौल पैदा करने के लिए ‘‘गुंडागर्दी’’ करने का आरोप लगाया।
दिल्ली पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा: केजरीवाल
उन्होंने कहा, "हमने चुनाव आयोग को बताया कि किस तरह दिल्ली पुलिस का दुरुपयोग हिंसा और धमकी के लिए किया जा रहा है। बहुत से लोग डरे हुए हैं और यह संभव है कि वे डर के कारण मतदान करने के लिए बाहर न आएं।"
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि मतदान प्रतिशत को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं, खासकर झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के बीच।
केजरीवाल ने कहा, "ऐसी खबरें हैं कि लोगों को मताधिकार से वंचित करने के लिए उनकी उंगलियों पर काली स्याही लगाई जा रही है और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे और धमकियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हमने निर्वाचन आयोग के समक्ष ये चिंताएं उठाई हैं।"
उन्होंने बैठक का समय देने के लिए निर्वाचन आयोग को धन्यवाद दिया और कहा कि अधिकारियों ने उन्हें स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से चुनाव कराये जाने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग ने हमें आश्वासन दिया है कि वे इस तरह के किसी भी गलत कृत्य को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।"