Gandhi Nagar Chunav Result: दिल्ली के अगली विधानसभा की तस्वीर आज साफ हो गई कि बीजेपी ने लंबे समय बाद सत्ता में वापसी की है। यहां की 70 सीटों में से एक गांधी नगर से आम आदमी पार्टी के नवीन चौधरी, बीजेपी के टिकट पर अरविंदर सिंह लवली और कांग्रेस के कमल अरोड़ा मैदान में थे। शुरुआती बढ़त के बाद अब आम आदमी पार्टी पीछे हो गई और बीजेपी आगे निकल गई। अरविंदर सिंह लवली शुरुआत में 6600 मतों से अधिक पीछे चल रहे थे और आखिरी में 12748 मतों के अंतर से जीत हासिल की। बीजेपी के अरविंदर सिंह लवली को 56858 वोट, आम आदमी पार्टी के नवीन चौधरी को 44110 वोट और कांग्रेस के कमल अरोड़ा को 3453 वोट मिले।
अरविंद सिंह लवली अब 7267 मतों से आगे हैं।
शुरुआत में 6600 से अधिक मतों से पीछे चल रहे बीजेपी के अरविंद सिंह लवली ने धमाकेदार वापसी की। अब वह आम आदमी पार्टी के नवीन चौधरी से 7653 मतों से आगे हैं।
बीजेपी के अरविंदर सिंह लवली अब 5264 मतों से आगे हैं।
अब बीजेपी के अरविंदर सिंह लवली 2888 मतों से आगे निकल गए हैं।
नवीन चौधरी अब महज 192 मतों से आगे हैं।
नवीन चौधरी अब 3030 मतों से आगे हैं यानी कि फासला कम हुआ है।
आम आदमी पार्टी के नवीन चौधरी अब 5085 मतों से आगे।
अभी तक की मतगणना में आम आदमी पार्टी के नवीन चौधरी बीजेपी के अरविंदर सिंह लवली से 6448 मतों से आगे है।
अब तक गांधीनगर से कौन-कौन पहुंचा विधानसभा?
गांधीनगर पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यहां 1993 में बीजेपी के दर्शन कुमार बहल ने परचम लहराया था। इसके बाद से लगातार चार चुनावों में यानी कि 1998, 2003, 2008 और 2013 में कांग्रेस के अरविंद सिंह लवली ने जीत हासिल की थी। इसके बाद 2015 के चुनाव में आम आदमी पार्टी की प्रचंड लहर में 2015 के चुनाव में अनिल कुमार बाजपाई विधानसभा पहुंचे। 2020 के भी विधानसभा चुनाव में अनिल कुमार बाजपाई ने जीत हासिल की थी लेकिन इस बार बीजेपी के टिकट पर। अब इस बार के चुनाव में अरविंदर सिंह लवली ने बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल की है।
Delhi Assembly Election: 70 सीटें है विधानसभा में
दिल्ली विधानसभा में 70 सीटें हैं, जिस पर इस बार 699 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में लॉक हुई थी। राज्य की मान्यता मिलने के बाद पहली बार यहां 1993 में चुनाव हुए थे और उस समय बीजेपी ने सरकार बनाई थी। बीजेपी की पांच साल की सरकार में तीन मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज मुख्यमंत्री थे। इसके बाद आया दौर शीला दीक्षित का जो 1998 से लगातार तीन बार जीतीं और 2013 तक मुख्यमंत्री रहीं। उसके बाद आम आदमी पार्टी की आंधी आई और 2013 से उनकी आम आदमी पार्टी जीत रही है लेकिन 2020 में उन्हें गद्दी छोड़नी पड़ी और आम आदमी पार्टी की आतिशी को मुख्यमंत्री पद मिला। इस बार सरकार बनाने के लिए बीजेपी को बहुमत मिला।