Shakur Basti Chunav Result: जेल से छूटे लेकिन जनता की अदालत में लगातार तीन बार के विधायक सत्येंद्र जैन को राहत नहीं मिली। बीजेपी के करनैल सिंह ने उन्हें 20998 मतों से हराया है। करनैल सिंह को 56869 वोट मिले हैं जबकि आम आदमी पार्टी के सत्येंद्र जैन के 35871 वोट और कांग्रेस के सतीश कुमार लूथड़ा को 5784 वोट मिले हैं।
शकूर बस्ती विधानसभा सीट इस बार काफी दिलचस्प बन गया। इसकी वजह ये है कि आम आदमी पार्टी की तरफ से मैदान में सत्येंद्र कुमार जैन थे जो लगातार तीन चुनाव में जीत हासिल कर रहे थे लेकिन इस बार वह जेल से बाहर आने के बाद से पहली बार मैदान में थे। उन्हें वर्ष 2017 में एक मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में ईडी ने मई 2022 में हिरासत में लिया था लेकिन पिछले साल अक्टूबर में रिहा कर दिया गया क्योंकि ईडी उनके खिलाफ कोई चार्जेज नहीं लगा पाई। इस सीट से बीजेपी ने करनैल सिंह और कांग्रेस ने सतीश कुमार लूथड़ा को मैदान में उतारा था।
आखिरी राउंड की गिनती में बीजेपी के करनैल सिंह 20795 मतों से आगे चल रहे हैं।
बीजेपी के करनैल सिंह अब 19336 मतों से आगे हैं।
बीजेपी के करनैल सिंह अब 18536 मतों से आगे हैं।
करनैल सिंह अब 15754 मतों के भारी अंतर से आगे हैं।
करनैल सिंह अब 11487 मतों के भारी अंतर से आगे हैं।
आम आदमी पार्टी के सत्येंद्र जैन बीजेपी के करनैल सिंह से 9121 मतों से पीछे चल रहे हैं।
करनैल सिंह अब 8749 मतों से आगे हैं। कांग्रेस तो 23672 मतों के भारी अंतर से पीछे तीसरे स्थान पर है।
बीजेपी के करनैल सिंह अब 9607 मतों से आगे।
करनैल सिंह अब 8072 मतों से आगे।
बीजेपी के करनैल सिंह अब 6524 मतों से आगे।
पहले राउंड की काउंटिंग में बीजेपी के करनैल सिंह आम आदमी पार्टी के सत्येंदर जैन से 2956 मतों से आगे हैं।
अब तक किसे मिली है इस विधानसभा सीट से जीत
शकूर बस्ती विधानसभा चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यहां 1993 में बीजेपी के गौरी शंकर भारद्वाज ने परचम लहराया था। इसके बाद से लगातार दो चुनावों में यानी कि 1998 और 2003 और 2008 में कांग्रेस के एससी वत्स ने जीत हासिल की थी। वर्ष 2008 के चुनाव में बीजेपी ने वापसी की और श्याम लाल गर्ग यहां से विधानसभा पहुंचे। इसके बाद लगातार तीन बार यानी 2013, 2015 और 2020 के चुनाव में आम आदमी पार्टी की प्रचंड लहर में सत्येंदर कुमार जैन ने जीत हासिल की। हालांकि इस बार उन्हें करारी मात मिली है।
Delhi Assembly Election: 70 सीटें है विधानसभा में
दिल्ली विधानसभा में 70 सीटें हैं, जिस पर इस बार 699 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में लॉक हुई थी। राज्य की मान्यता मिलने के बाद पहली बार यहां 1993 में चुनाव हुए थे और उस समय बीजेपी ने सरकार बनाई थी। बीजेपी की पांच साल की सरकार में तीन मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज मुख्यमंत्री थे। इसके बाद आया दौर शीला दीक्षित का जो 1998 से लगातार तीन बार जीतीं और 2013 तक मुख्यमंत्री रहीं। उसके बाद आम आदमी पार्टी की आंधी आई और 2013 से उनकी आम आदमी पार्टी जीत रही है लेकिन 2020 में उन्हें गद्दी छोड़नी पड़ी और आम आदमी पार्टी की आतिशी को मुख्यमंत्री पद मिला। इस बार सरकार बनाने के लिए बीजेपी को बहुमत मिला।