West Bengal Election : महिलाओं को हर महीने 3 हजार, 6 महीने में UCC लागू... बीजेपी के संकल्प पत्र में हुए ये बड़े ऐलान

West Bengal Election : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है, तो छह महीने के अंदर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी राज्य में “बंगाल के बेटे” को ही मुख्यमंत्री बनाएगी। बीजेपी के चुनावी घोषणापत्र ‘संकल्प पत्र’ जारी करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया

अपडेटेड Apr 10, 2026 पर 2:56 PM
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पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले महामुकाबले से पहले सूबे में सियासी पारा अपने चरम पर है।

पश्चिम बंगाल में कुछ पही दिनों में चुनाव होने वाले हैं। वहीं पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले महामुकाबले से पहले सूबे में सियासी पारा अपने चरम पर है। 23 और 29 अप्रैल 2026 को होने वाले मतदान से पहले सभी राजनीतिक पार्टियां जनता को लुभाने में लगी हुईं हैं। वहीं पहले चरण के मतदान से पहले भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल में बड़े चुनावी वादों का ऐलान किया है। भारतीय जनता पार्टी शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है, जिसे भरोसे का शपथ पत्र नाम दिया गया है। इस पत्र को गृह मंत्री और बीजेपी नेता अमित शाह ने जारी किया है।

6 महीने के अंदर लागू होगा यूनिफॉर्म सिविल कोड

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है, तो छह महीने के अंदर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी राज्य में “बंगाल के बेटे” को ही मुख्यमंत्री बनाएगी। बीजेपी के चुनावी घोषणापत्र ‘संकल्प पत्र’ जारी करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने टीएमसी के उस आरोप का भी जवाब दिया, जिसमें कहा गया था कि बीजेपी बंगाल के लोगों के खान-पान में दखल देगी। अमित शाह ने इन आरोपों को गलत बताते हुए साफ किया कि पार्टी सारी बातें केवल भटकाने के लिए हैं।


बीजेपी के चुनावी घोषणापत्र का ऐलान करते हुए अमित शाह ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) का सुझाव बीजेपी का नहीं, बल्कि संविधान सभा का है। उन्होंने कहा कि “तुष्टीकरण की राजनीति” की वजह से यह कानून इतने सालों तक लागू नहीं हो पाया। अमित शाह ने कहा कि, जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार बनी है, वहां इस कानून को लागू किया गया है और अगर पश्चिम बंगाल में भी उनकी सरकार बनती है, तो वहां भी इसे लागू किया जाएगा।

हिंसा के मामलों की होगी जांच

केंद्रीय गृह मंत्री ने चुनावी वादों का ऐलान करते हुए आगे कहा कि, "हम एक आयोग बनाएंगे जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज करेंगे। यह आयोग राजनीतिक हिंसा की सभी घटनाओं की जांच करेगा—चाहे किसी भी पार्टी को निशाना बनाया गया हो और यह सुनिश्चित करेगा कि हर मामले को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए। भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था की बहाली से निपटने के लिए तीन श्वेत पत्र पेश किए जाएंगे।" मालदा घटना पर अमित शाह ने आगे कहा कि "सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया है और यह सुनिश्चित किया है कि इस बार चुनाव भयमुक्त हों... BJP के कार्यकर्ता भी बिना किसी डर के चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

हर महीने  3000 रूपए देने का वादा

भाजपा का संकल्प पत्र जारी करते हुए अमित शाह ने आगे कहा कि, "हमारी सरकार घुसपैठियों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी। सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) सुनिश्चित किया जाएगा, और 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को सिर्फ 45 दिनों के भीतर लागू किया जाएगा।  मध्यम वर्ग, लोअर मिडिल क्लास और गरीब में महिलाओं की हालत बहुत दयनीय है। बीजेपी की सरकार बनी तो हर माता-बहन के बैंक खाते में हर महीने एक से पांच तारीख तक 3 हजार रुपये ट्रांसफर करेगी।  हम पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत सहित BJP की सभी योजनाओं को लागू करेंगे।"

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