पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राज्य कर्मचारी के महंगाई भत्ता (DA) को लेकर हलचल मची हुई है। इसी बीच विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बड़ा हमला किया। बुधवार (11 फरवरी) को सॉल्ट लेक में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "DA अब कोई लंबित मामला नहीं है। सुप्रीम कोर्ट इस पर साफ निर्देश दे चुका है और राज्य सरकार को कर्मचारियों का बकाया DA देना ही होगा।" इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि अदालत ने 25 प्रतिशत DA देने की रूपरेखा तय कर दी है और 2008 से लंबित बकाया का भुगतान जल्द करने को कहा गया है। सुवेंदु ने चेतावनी दी कि अगर मार्च तक 25 प्रतिशत राशि नहीं दी गई, तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी ममता सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी देश की इकलौती मुख्यमंत्री हैं जो अपने ही कर्मचारियों के खिलाफ अदालत जा रही हैं।" यादव ने यह भी आरोप लगाया कि हाल में हुई मौतें SIR की वजह से नहीं, बल्कि DA को लेकर कर्मचारियों की निराशा के कारण हुई हैं। दरअसल, मंगलवार को नबन्ना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने DA का सवाल उठाया था, तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जवाब देने से इनकार करते हुए कहा था कि मामला अभी विचाराधीन है। विपक्ष ने इसी बयान पर पलटवार किया है।
बता दे कि 5 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने साफ कहा था कि राज्य कर्मचारियों को अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आधार पर DA दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपने अलग नियमों का हवाला देकर भुगतान टाल नहीं सकती।
इस फैसले के बाद कर्मचारी संगठनों ने भी आंदोलन तेज कर दिया है। ‘जॉइंट स्ट्रगल स्टेज’ के प्रतिनिधि ज्ञापन देने नबन्ना पहुंचे, हालांकि अनुमति न मिलने पर राज्य कर्मियों ने जमकर प्रदर्शन भी किया। वहीं, मंच के संयोजक भास्कर घोष ने सवाल उठाया और कहा, "सरकार कहती है उनके पास पैसा नहीं है। फिर भी वे योजनाओं की घोषणा कर रहें है। जब सरकार के पास नई योजनाओं के लिए पैसा है, तो कर्मचारियों के हक का DA क्यों रोका जा रहा है?"
चुनाव से पहले यह मुद्दा और भी संवेदनशील हो गया है। एक तरफ सरकार सामाजिक योजनाओं के ज़रिए जनता तक पहुंच बनाने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर DA को लेकर कर्मचारियों की नाराजगी विपक्ष को बड़ा हथियार दे रही है।