Chandranath Murder Case: टोल प्लाजा और UPI पेमेंट्स की मदद से कैसे गिरफ्तार हुए चंद्रनाथ के 3 हत्यारे? अब CBI करेगी हत्याकांड की जांच

Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल CID और मध्यमग्राम पुलिस ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन संदिग्धों का पीछा करते हुए कई राज्यों की सीमाएं पार कीं। UPI पेमेंट्स की मदद से इनकी गिरफ्तारी हुई है

अपडेटेड May 12, 2026 पर 9:18 AM
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Chandranath Rath Murder Case: अब CBI पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले की जांच करेगी

Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल पुलिस ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में सोमवार (11 मई) को उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांचकर्ताओं ने टोल प्लाजा पर संदिग्धों में से एक द्वारा किए गए UPI पेमेंट्स से मिले सुरागों के आधार पर उन्हें पकड़ा। जांचकर्ताओं ने इस घटनाक्रम को एक बड़ी सफलता बताया। एक अधिकारी ने बताया कि तीनों आरोपियों को पश्चिम बंगाल लाकर उत्तर 24 परगना जिले की एक अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम इलाके में छह मई की रात को हुई हत्या की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने तीनों आरोपियों को रविवार को हिरासत में लिया और सोमवार सुबह उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, "यह एक बड़ी सफलता है। जांच से पता चला कि हमलावर पश्चिम बंगाल के बाहर के थे। तकनीकी निगरानी, ​​डिजिटल ट्रैकिंग और अन्य सूचनाओं के आधार पर एसआईटी के सदस्यों को उत्तर प्रदेश और बिहार भेजा गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाया गया है।"

UPI पेमेंट्स बना गिरफ्तारी का आधार


उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं ने मामले में डिजिटल सुराग और अंतरराज्यीय संबंधों का पता लगाया है। अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान यह बात सामने आई कि हमलावरों द्वारा इस्तेमाल की गई संदिग्ध कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। उन्होंने कहा कि कार में सवार लोगों में से एक ने कथित तौर पर यूपीआई लेनदेन के माध्यम से टोल का भुगतान किया था।

पुलिस अधिकारी ने कहा, "इस डिजिटल भुगतान ने हमें एक मोबाइल नंबर तक पहुंचने में मदद की और एक संदिग्ध की पहचान स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। अंततः इसी सुराग से हमारी टीम आरोपी तक पहुंच गई।" उन्होंने बताया कि एसआईटी के अधिकारी गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान का मिलान टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज और वाहन तथा उसमें सवार लोगों की तस्वीरों से कर रहे थे।

अधिकारी ने बताया, "तीनों को उत्तर 24 परगना जिले की बारासात अदालत में पेश किया गया और उन्हें 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।" उन्होंने बताया कि अदालत ने पुलिस को उन्हें 24 मई को पेश करने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि विशेष जांच दल ने आरोपियों की दो सप्ताह की पुलिस हिरासत की मांग की थी। उन्होंने बताया कि तीनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या, अवैध हथियार रखने, आपराधिक साजिश रचने और सबूतों को दबाने का आरोप लगाया गया है।

किस राज्य के हैं आरोपी?

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "दो आरोपियों (मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य) को बिहार के बक्सर से हिरासत में लिया गया, जबकि तीसरे आरोपी राज सिंह को बलिया (उत्तर प्रदेश) से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद तीनों को आज सुबह गिरफ्तार कर लिया गया।" इससे पहले पुलिस ने विक्की मौर्य की पहचान गलती से विशाल श्रीवास्तव के रूप में की थी। यह भी दावा किया था कि तीनों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था।

हमले से कुछ ही देर पहले आरोपियों की कार ने पश्चिम बंगाल के बैली टोल प्लाज़ा को पार किया था। यह कार CCTV में कैद हो गई थी। कार में सवार लोगों में से एक ने UPI पेमेंट करने की कोशिश की, जो सफल नहीं हो पाई। इसके बाद दूसरे संदिग्ध ने लेन-देन पूरा करने के लिए अपने ही मोबाइल का इस्तेमाल किया। इसी गलती की वजह से जांचकर्ता बैंक डिटेल्स और KYC रिकॉर्ड्स का पता लगा पाए। इसी जानकारी के आधार पर वे संदिग्धों के फोन नंबरों और आखिरकार उनकी लोकेशन तक पहुंच गए।

हत्याकांड में 8 आरोपी थे शामिल

उन्होंने बताया कि हत्या की साजिश और उसे अंजाम देने में कम से कम आठ लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि पुलिस का मानना ​​है कि हमलावरों ने रथ को निशाना बनाने से पहले विस्तृत रेकी की थी। अधिकारी ने कहा, "हत्या को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। हमलावरों ने अपनी पहचान और गतिविधियों को छिपाने के लिए कई उपाय किए थे। जांचकर्ता घटनाक्रम का पता लगाने के लिए डिजिटल फुटप्रिंट, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों पर काफी हद तक निर्भर हैं।" गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ जारी है।

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CBI करेगी मामले की जांच

रिपोर्ट के मुताबिक अब CBI पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले की जांच करेगी। CBI आज पश्चिम बंगाल पुलिस से जांच का जिम्मा संभालेगी। इससे पहले, बंगाल पुलिस ने इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरों से जांच कराने की सिफारिश की थी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के दो दिन बाद ही चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। SIT ने बताया कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश के लिए राज्य के कई हिस्सों में लगातार छापेमारी की जा रही है।

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