आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले हावड़ा में हुए 'गोलीकांड' को लेकर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। दरअसल, बुधवार (25 फरवरी) को हावड़ा में एक प्रमोटर शफीक खान को सुबह-सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले ने राज्य में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। भाजपा ने इस हत्या के पीछे सत्ताधारी पार्टी की भूमिका होने का आरोप लगाया है और सीधे तौर पर TMC को घेरा है।
भाजपा का दावा है कि इस हत्या का मुख्य आरोपी हारुन खान है, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। भाजपा ने फुटेज जारी करते हुए कहा है कि हारुन खान तृणमूल नेताओं के साथ रैलियों में नजर आता रहा है। वीडियो में उसे हावड़ा नॉर्थ से तृणमूल विधायक गौतम चौधरी के साथ बाइक पर बैठे और पार्टी का झंडा थामे देखा गया है। हालांकि, गौतम चौधरी ने इन आरोपों को खंडन किया है, उनका कहना है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि हत्या के 12 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इससे स्थानीय लोगों में नाराज़गी है और इलाके में विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला। भाजपा ने इस पूरे मामले को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त अपराध बताते हुए विधायक की गिरफ्तारी की मांग की है।
इस मुद्दे पर सुकांता मजूमदार ने भी TMC को घेरा। उन्होंने कहा, "अगर वह MLA के साथ है, तो वह उसे गोली मार देगा? पुलिस उसे नहीं पकड़ेगी, अगर तुम MLA के साथ घूमोगे, तो तुम रेप कर सकते हो, गोली मार सकते हो, जो चाहो कर सकते हो, पुलिस तुम्हें नहीं देखेगी।" इसके साथ ही उन्होंने गिरफ्तारी की मांग की और कहा, "पुलिस को MLA को अरेस्ट करना चाहिए जो MLA की बाइक पर आया और गोली चलाई।"
विपक्ष ने सवाल उठाया है कि आखिर गैर-कानूनी हथियार राज्य में कैसे पहुंच रहे हैं और खुलेआम अपराध क्यों हो रहे हैं। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, इसी वजह से हत्याओं और हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं।
चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं। भाजपा पहले से ही कानून-व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बना रही है और आने वाले दिनों में यह मामला चुनावी बहस का अहम हिस्सा बन सकता है।