Liquor Ban in West Bengal: पश्चिम बंगाल में वोटिंग से पहले शराब की सभी दुकानें बंद, इतने दिन तक लागू रहेगा 'ड्राई डे'

Liquor Ban in West Bengal Election 2026: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में चुनावी गड़बड़ियों को रोकने के मकसद से 9 दिनों के लिए शराब की खुदरा बिक्री बंद कर दी है। यह प्रतिबंध 29 अप्रैल तक लागू रहेगा। हालांकि, 24 अप्रैल को शराब बेचने की अनुमति होगी। आम तौर पर किसी चुनावी राज्य में वोटिंग से 48 घंटे पहले संबंधित क्षेत्रों में शराब की बिक्री बंद की जाती है

अपडेटेड Apr 21, 2026 पर 10:34 AM
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West Bengal Election 2026: बंगाल में आज यानी 21 से लेकर 29 तारीख तक शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले आज यानी 21 अप्रैल से 29 तारीख तक शराब की सभी दुकानें बंद कर दी गई हैं। पहले चरण का चुनाव 23 अप्रैल को होने हैं, इसलिए यह बैन पहले ही लगा दिया गया है। जिन इलाकों में गुरुवार 23 अप्रैल को वोटिंग होगी, वहां शराब की बिक्री रोक दी गई है। राजधानी कोलकाता और आस-पास के जिलों उत्तर और दक्षिण 24 परगना में 20 अप्रैल से शराब पर प्रतिबंध लागू हो गया है।

अधिकारियों ने चुनावी गड़बड़ियों को रोकने के मकसद से 9 दिनों के लिए शराब की खुदरा बिक्री बंद कर दी है। यह प्रतिबंध 29 अप्रैल तक लागू रहेगा। हालांकि, 24 अप्रैल को शराब बेचने की अनुमति होगी। आम तौर पर किसी चुनावी राज्य में वोटिंग से 48 घंटे पहले संबंधित क्षेत्रों में शराब की बिक्री बंद की जाती है।

बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान होना है। इसके अनुसार 21 अप्रैल से शराब पर पाबंदी लागू होनी थी। लेकिन चुनाव आयोग ने सोमवार (20 अप्रैल) से ही शराब की बिक्री पर रोक लगा दी है।


शराब की ब्रिकी में आई तेजी

एक बयान में चुनाव आयोग ने कहा, "यह देखा गया है कि शराब की बिक्री में असामान्य रूप से तेजी आई है।" बयान में आगे कहा गया, "पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में अप्रैल 2026 के दौरान WBSBCL डिपो से खुदरा विक्रेताओं द्वारा पैकेट वाली शराब उठाने में भी अचानक बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, तय मानदंडों के आधार पर पहचाने गए संवेदनशील दुकानों की संख्या में भी असामान्य वृद्धि हुई है।"

चुनाव आयोग ने कहा कि वह शराब की निगरानी से जुड़ी गतिविधियों सहित कई स्रोतों से इस नतीजे पर पहुंचा है। ECI ने कहा कि अप्रैल में शराब की बिक्री पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में अधिक रही है। बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच ज़ोरदार मुकाबला होने वाला है। BJP राज्य में सत्ता हासिल करने का दावा कर रही है।

चुनाव आयोग का बयान

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए हो रहे चुनावों के तहत पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का 29 अप्रैल को होना है। जबकि मतगणना चार मई को होगी। चुनाव प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों से बातचीत करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनाव भयमुक्त और हिंसामुक्त होंगे।

अधिकारियों ने कहा कि आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि चुनाव प्रलोभनमुक्त और बूथ जाम मुक्त हों। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग बंगाल सरकार, स्थानीय निकायों या स्वायत्त निकायों के किसी भी कर्मचारी को चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करने देगा। राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग पर भाजपा के इशारों पर काम करने आरोप लगाया है। हालांकि, आयोग ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।

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कुमार ने मतदाताओं से सक्रिय भागीदारी करने की अपील करते हुए राज्य के प्रत्येक मतदाता से निडर होकर अपना वोट डालने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल के प्रत्येक मतदाता को निडर होकर अपना वोट डालना चाहिए।" व्यापक लोकतांत्रिक भावना की अपील करते हुए कुमार ने चुनाव को लोकतंत्र का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव का पर्व पश्चिम बंगाल का गर्व है।

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